8 मई 2027 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 8 मई 2027, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 8 मई 2027 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (10:13 तक), नक्षत्र रोहिणी (20:23 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 08:57 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:52
रात 05:37 तक
तिथि
द्वितीया, 10:13 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 20:23 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 10:13 तक
शुक्ल तृतीया 07:33, 9 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:23 तक
मृगशिरा 18:29, 9 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:07, 9 मई तक
सुकर्मा 21:50, 9 मई तक
करण
कौलव 10:13 तक
तैतिल 20:54 तक
गर 07:33, 9 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
06:50
चंद्रास्त
21:15
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
08:57 – 10:36
यमगंड
13:54 – 15:34
गुलिक काल
05:38 – 07:17

8 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:38 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:57शुभ
रोग08:57 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:34शुभ
अमृत15:34 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:52 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:33टालें
शुभ21:33 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:15शुभ
चर00:15 – 01:35सामान्य
रोग01:35 – 02:56टालें
काल02:56 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:37शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3806:44दिन
गुरु06:4407:50दिन
मंगल07:5008:57दिन
सूर्य08:5710:03दिन
शुक्र10:0311:09दिन
बुध11:0912:15दिन
चंद्र12:1513:21दिन
शनि13:2114:27दिन
गुरु14:2715:34दिन
मंगल15:3416:40दिन
सूर्य16:4017:46दिन
शुक्र17:4618:52दिन
बुध18:5219:46रात
चंद्र19:4620:40रात
शनि20:4021:33रात
गुरु21:3322:27रात
मंगल22:2723:21रात
सूर्य23:2100:15रात
शुक्र00:1501:09रात
बुध01:0902:02रात
चंद्र02:0202:56रात
शनि02:5603:50रात
गुरु03:5004:44रात
मंगल04:4405:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 मई 2027वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 मई 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 मई 2027वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
24 मई 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 मई 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 जून 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
2 जून 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
4 जून 2027ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2391° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।