7 अगस्त 2027 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 7 अगस्त 2027, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 7 अगस्त 2027 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (21:31 तक), नक्षत्र चित्रा (04:31, 8 अग॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 09:06 से 10:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 19:00
रात 05:49 तक
तिथि
षष्ठी, 21:31 तक
सप्तमी
नक्षत्र
चित्रा, 04:31 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 21:31 तक
शुक्ल सप्तमी 20:55, 8 अग॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 04:31, 8 अग॰ तक
स्वाति 04:52, 9 अग॰ तक
योग
साध्य 21:13 तक
शुभ 19:41, 8 अग॰ तक
करण
कौलव 10:06 तक
तैतिल 21:31 तक
गर 09:07, 8 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 16:37 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
22:18
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:06 – 10:45
यमगंड
14:03 – 15:42
गुलिक काल
05:48 – 07:27

7 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:48 – 07:27टालें
शुभ07:27 – 09:06शुभ
रोग09:06 – 10:45टालें
उद्वेग10:45 – 12:24टालें
चर12:24 – 14:03सामान्य
लाभ14:03 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:21शुभ
काल17:21 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:00 – 20:21शुभ
उद्वेग20:21 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:03शुभ
अमृत23:03 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:45सामान्य
रोग01:45 – 03:07टालें
काल03:07 – 04:28टालें
लाभ04:28 – 05:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4806:54दिन
गुरु06:5408:00दिन
मंगल08:0009:06दिन
सूर्य09:0610:12दिन
शुक्र10:1211:18दिन
बुध11:1812:24दिन
चंद्र12:2413:30दिन
शनि13:3014:36दिन
गुरु14:3615:42दिन
मंगल15:4216:48दिन
सूर्य16:4817:54दिन
शुक्र17:5419:00दिन
बुध19:0019:54रात
चंद्र19:5420:48रात
शनि20:4821:42रात
गुरु21:4222:36रात
मंगल22:3623:30रात
सूर्य23:3000:24रात
शुक्र00:2401:18रात
बुध01:1802:12रात
चंद्र02:1203:07रात
शनि03:0704:01रात
गुरु04:0104:55रात
मंगल04:5505:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 अग॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
14 अग॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 अग॰ 2027श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
17 अग॰ 2027सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
21 अग॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
25 अग॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
28 अग॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
29 अग॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
31 अग॰ 2027भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
4 सित॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2426° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।