6 अगस्त 2028 को दुबई का पंचांग

रविवार, 6 अगस्त 2028, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

रविवार, 6 अगस्त 2028 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:15 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (23:12 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 17:21 से 19:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 19:00
रात 05:49 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:15 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 23:12 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:15 तक
कृष्ण द्वितीया 16:34, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 02:08, 8 अग॰ तक
योग
सौभाग्य 15:56 तक
शोभन 16:49, 7 अग॰ तक
करण
कौलव 14:15 तक
तैतिल 03:23, 7 अग॰ तक
गर 16:34, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
मकर 09:48 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
19:34
चंद्रास्त
06:32
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:21 – 19:00
यमगंड
12:24 – 14:03
गुलिक काल
15:42 – 17:21

6 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:48 – 07:27टालें
चर07:27 – 09:06सामान्य
लाभ09:06 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:24शुभ
काल12:24 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:42शुभ
रोग15:42 – 17:21टालें
उद्वेग17:21 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:00 – 20:21शुभ
अमृत20:21 – 21:42शुभ
चर21:42 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:45टालें
लाभ01:45 – 03:07शुभ
उद्वेग03:07 – 04:28टालें
शुभ04:28 – 05:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4806:54दिन
शुक्र06:5408:00दिन
बुध08:0009:06दिन
चंद्र09:0610:12दिन
शनि10:1211:18दिन
गुरु11:1812:24दिन
मंगल12:2413:30दिन
सूर्य13:3014:36दिन
शुक्र14:3615:42दिन
बुध15:4216:48दिन
चंद्र16:4817:54दिन
शनि17:5419:00दिन
गुरु19:0019:54रात
मंगल19:5420:48रात
सूर्य20:4821:42रात
शुक्र21:4222:36रात
बुध22:3623:30रात
चंद्र23:3000:24रात
शनि00:2401:18रात
गुरु01:1802:12रात
मंगल02:1203:07रात
सूर्य03:0704:01रात
शुक्र04:0104:55रात
बुध04:5505:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 अग॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अग॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2565° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।