19 अगस्त 2028 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 19 अगस्त 2028, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 19 अगस्त 2028 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (18:17 तक), नक्षत्र पुष्य (11:32 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 09:08 से 10:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:50
रात 05:54 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:17 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पुष्य, 11:32 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 18:17 तक
अमावस्या 14:43, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 11:32 तक
आश्लेषा 08:53, 20 अग॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:37 तक
वरीयान 03:44, 20 अग॰ तक
परिघअशुभ 23:37, 20 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:57 तक
शकुनि 18:17 तक
चतुष्पद 04:32, 20 अग॰ तक
नाग 14:43, 20 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
04:28
चंद्रास्त
17:59
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:08 – 10:45
यमगंड
13:59 – 15:36
गुलिक काल
05:54 – 07:31

19 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:54 – 07:31टालें
शुभ07:31 – 09:08शुभ
रोग09:08 – 10:45टालें
उद्वेग10:45 – 12:22टालें
चर12:22 – 13:59सामान्य
लाभ13:59 – 15:36शुभ
अमृत15:36 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:50 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:36टालें
शुभ21:36 – 22:59शुभ
अमृत22:59 – 00:22शुभ
चर00:22 – 01:45सामान्य
रोग01:45 – 03:08टालें
काल03:08 – 04:31टालें
लाभ04:31 – 05:54शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5406:59दिन
गुरु06:5908:03दिन
मंगल08:0309:08दिन
सूर्य09:0810:13दिन
शुक्र10:1311:17दिन
बुध11:1712:22दिन
चंद्र12:2213:26दिन
शनि13:2614:31दिन
गुरु14:3115:36दिन
मंगल15:3616:40दिन
सूर्य16:4017:45दिन
शुक्र17:4518:50दिन
बुध18:5019:45रात
चंद्र19:4520:40रात
शनि20:4021:36रात
गुरु21:3622:31रात
मंगल22:3123:27रात
सूर्य23:2700:22रात
शुक्र00:2201:17रात
बुध01:1702:13रात
चंद्र02:1303:08रात
शनि03:0804:04रात
गुरु04:0404:59रात
मंगल04:5905:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2570° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।