6 फ़रवरी 2029 को दुबई का पंचांग

मंगलवार, 6 फ़रवरी 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

मंगलवार, 6 फ़रवरी 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (13:05 तक), नक्षत्र विशाखा (19:38 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 15:20 से 16:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:07
रात 06:58 तक
तिथि
अष्टमी, 13:05 तक
नवमी
नक्षत्र
विशाखा, 19:38 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 13:05 तक
कृष्ण नवमी 11:55, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 19:38 तक
अनुराधा 19:15, 7 फ़र॰ तक
योग
वृद्धि 18:45 तक
ध्रुव 16:42, 7 फ़र॰ तक
करण
कौलव 13:05 तक
तैतिल 00:27, 7 फ़र॰ तक
गर 11:55, 7 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
तुला 13:48 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
00:48
चंद्रास्त
11:44
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:20 – 16:43
यमगंड
09:46 – 11:09
गुलिक काल
12:33 – 13:56

6 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:59 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:46टालें
चर09:46 – 11:09सामान्य
लाभ11:09 – 12:33शुभ
अमृत12:33 – 13:56शुभ
काल13:56 – 15:20टालें
शुभ15:20 – 16:43शुभ
रोग16:43 – 18:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:07 – 19:43टालें
लाभ19:43 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:56टालें
शुभ22:56 – 00:32शुभ
अमृत00:32 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:22टालें
काल05:22 – 06:58टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5907:54दिन
सूर्य07:5408:50दिन
शुक्र08:5009:46दिन
बुध09:4610:41दिन
चंद्र10:4111:37दिन
शनि11:3712:33दिन
गुरु12:3313:28दिन
मंगल13:2814:24दिन
सूर्य14:2415:20दिन
शुक्र15:2016:15दिन
बुध16:1517:11दिन
चंद्र17:1118:07दिन
शनि18:0719:11रात
गुरु19:1120:15रात
मंगल20:1521:19रात
सूर्य21:1922:24रात
शुक्र22:2423:28रात
बुध23:2800:32रात
चंद्र00:3201:37रात
शनि01:3702:41रात
गुरु02:4103:45रात
मंगल03:4504:50रात
सूर्य04:5005:54रात
शुक्र05:5406:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2636° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।