17 जुलाई 2029 को दुबई का पंचांग

मंगलवार, 17 जुलाई 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

मंगलवार, 17 जुलाई 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:42 तक), नक्षत्र हस्त (03:40, 18 जुल॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 15:47 से 17:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 19:10
रात 05:39 तक
तिथि
षष्ठी, 09:42 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 03:40 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जुलाई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:42 तक
शुक्ल सप्तमी 07:23, 18 जुल॰ तक
नक्षत्र
हस्त 03:40, 18 जुल॰ तक
चित्रा 02:09, 19 जुल॰ तक
योग
परिघअशुभ 09:40 तक
शिव 06:44, 18 जुल॰ तक
करण
तैतिल 09:42 तक
गर 20:33 तक
वणिज 07:23, 18 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
11:13
चंद्रास्त
23:01
दिनमान
13h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
15:47 – 17:29
यमगंड
09:02 – 10:43
गुलिक काल
12:25 – 14:06

17 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:39 – 07:20टालें
उद्वेग07:20 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 12:25शुभ
अमृत12:25 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:29शुभ
रोग17:29 – 19:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:10 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 21:48शुभ
उद्वेग21:48 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:25शुभ
अमृत00:25 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:02सामान्य
रोग03:02 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:39टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3906:46दिन
सूर्य06:4607:54दिन
शुक्र07:5409:02दिन
बुध09:0210:09दिन
चंद्र10:0911:17दिन
शनि11:1712:25दिन
गुरु12:2513:32दिन
मंगल13:3214:40दिन
सूर्य14:4015:47दिन
शुक्र15:4716:55दिन
बुध16:5518:03दिन
चंद्र18:0319:10दिन
शनि19:1020:03रात
गुरु20:0320:55रात
मंगल20:5521:48रात
सूर्य21:4822:40रात
शुक्र22:4023:32रात
बुध23:3200:25रात
चंद्र00:2501:17रात
शनि01:1702:10रात
गुरु02:1003:02रात
मंगल03:0203:54रात
सूर्य03:5404:47रात
शुक्र04:4705:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 जुल॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 जुल॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 जुल॰ 2029आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
29 जुल॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
2 अग॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अग॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अग॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अग॰ 2029श्रावण अमावस्याअमावस्या
13 अग॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2697° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।