8 अक्टूबर 2027 को डरबन का पंचांग

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (05:32, 9 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (06:48, 9 अक्टू॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 10:09 से 11:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:01
रात 05:25 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 05:32, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 06:48, 9 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:22 तक
सुकर्मा 10:22, 9 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:13 तक
कौलव 05:32, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 10:29 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
11:42
चंद्रास्त
01:14
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
10:09 – 11:43
यमगंड
14:52 – 16:26
गुलिक काल
07:00 – 08:35

8 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 07:00सामान्य
लाभ07:00 – 08:35शुभ
अमृत08:35 – 10:09शुभ
काल10:09 – 11:43टालें
शुभ11:43 – 13:18शुभ
रोग13:18 – 14:52टालें
उद्वेग14:52 – 16:26टालें
चर16:26 – 18:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:01 – 19:26टालें
काल19:26 – 20:52टालें
लाभ20:52 – 22:17शुभ
उद्वेग22:17 – 23:43टालें
शुभ23:43 – 01:08शुभ
अमृत01:08 – 02:34शुभ
चर02:34 – 03:59सामान्य
रोग03:59 – 05:25टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:29दिन
बुध06:2907:32दिन
चंद्र07:3208:35दिन
शनि08:3509:37दिन
गुरु09:3710:40दिन
मंगल10:4011:43दिन
सूर्य11:4312:46दिन
शुक्र12:4613:49दिन
बुध13:4914:52दिन
चंद्र14:5215:55दिन
शनि15:5516:58दिन
गुरु16:5818:01दिन
मंगल18:0118:58रात
सूर्य18:5819:55रात
शुक्र19:5520:52रात
बुध20:5221:49रात
चंद्र21:4922:46रात
शनि22:4623:43रात
गुरु23:4300:40रात
मंगल00:4001:37रात
सूर्य01:3702:34रात
शुक्र02:3403:31रात
बुध03:3104:28रात
चंद्र04:2805:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या
2 नव॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां डरबन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2449° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।