10 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

सोमवार, 10 मार्च 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

सोमवार, 10 मार्च 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:44 तक), नक्षत्र पुष्य (15:21 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 07:31 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:04
रात 06:00 तक
तिथि
द्वादशी, 22:44 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 15:21 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:44 तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:42, 11 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 15:21 तक
आश्लेषा 16:45, 11 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:47, 11 मार्च तक
सुकर्मा 03:30, 12 मार्च तक
करण
बव 10:26 तक
बालव 22:44 तक
कौलव 11:09, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
15:25
चंद्रास्त
03:22
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 09:02
यमगंड
10:32 – 12:02
गुलिक काल
13:33 – 15:03

10 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:01 – 07:31शुभ
काल07:31 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 12:02टालें
उद्वेग12:02 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:33शुभ
अमृत16:33 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:04 – 19:33सामान्य
रोग19:33 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:32टालें
लाभ22:32 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 03:01शुभ
अमृत03:01 – 04:31शुभ
चर04:31 – 06:00सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0107:01दिन
शनि07:0108:01दिन
गुरु08:0109:02दिन
मंगल09:0210:02दिन
सूर्य10:0211:02दिन
शुक्र11:0212:02दिन
बुध12:0213:03दिन
चंद्र13:0314:03दिन
शनि14:0315:03दिन
गुरु15:0316:03दिन
मंगल16:0317:04दिन
सूर्य17:0418:04दिन
शुक्र18:0419:03रात
बुध19:0320:03रात
चंद्र20:0321:03रात
शनि21:0322:03रात
गुरु22:0323:02रात
मंगल23:0200:02रात
सूर्य00:0201:02रात
शुक्र01:0202:02रात
बुध02:0203:01रात
चंद्र03:0104:01रात
शनि04:0105:01रात
गुरु05:0106:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।