27 अगस्त 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 27 अगस्त 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 27 अगस्त 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (06:14 तक), नक्षत्र चित्रा (23:13 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:02
रात 05:45 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 23:13 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 06:14 तक
शुक्ल पंचमी 08:27, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:13 तक
स्वाति 02:08, 29 अग॰ तक
योग
शुक्ल 03:48, 28 अग॰ तक
ब्रह्म 04:42, 29 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:14 तक
बव 19:18 तक
बालव 08:27, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 09:51 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
21:04
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:26
यमगंड
07:17 – 08:49
गुलिक काल
10:21 – 11:54

27 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:45 – 07:17शुभ
अमृत07:17 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:26टालें
उद्वेग13:26 – 14:58टालें
चर14:58 – 16:30सामान्य
लाभ16:30 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:02 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 20:57शुभ
अमृत20:57 – 22:25शुभ
चर22:25 – 23:53सामान्य
रोग23:53 – 01:21टालें
काल01:21 – 02:49टालें
लाभ02:49 – 04:17शुभ
उद्वेग04:17 – 05:45टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4506:47दिन
चंद्र06:4707:48दिन
शनि07:4808:49दिन
गुरु08:4909:51दिन
मंगल09:5110:52दिन
सूर्य10:5211:54दिन
शुक्र11:5412:55दिन
बुध12:5513:56दिन
चंद्र13:5614:58दिन
शनि14:5815:59दिन
गुरु15:5917:00दिन
मंगल17:0018:02दिन
सूर्य18:0219:00रात
शुक्र19:0019:59रात
बुध19:5920:57रात
चंद्र20:5721:56रात
शनि21:5622:55रात
गुरु22:5523:53रात
मंगल23:5300:52रात
सूर्य00:5201:51रात
शुक्र01:5102:49रात
बुध02:4903:48रात
चंद्र03:4804:47रात
शनि04:4705:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2154° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।