4 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 4 जनवरी 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 4 जनवरी 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:27, 5 जन॰ तक), नक्षत्र पुष्य (03:55, 5 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 16:21 से 17:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:49
रात 06:05 तक
तिथि
द्वितीया, 00:27 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 03:55 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:27, 5 जन॰ तक
कृष्ण तृतीया 22:32, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 03:55, 5 जन॰ तक
आश्लेषा 02:47, 6 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 16:17 तक
विष्कंभअशुभ 13:17, 5 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:39 तक
गर 00:27, 5 जन॰ तक
वणिज 11:24, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
19:19
चंद्रास्त
07:13
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:21 – 17:49
यमगंड
11:57 – 13:25
गुलिक काल
14:53 – 16:21

4 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:05 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:01सामान्य
लाभ09:01 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 11:57शुभ
काल11:57 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:53शुभ
रोग14:53 – 16:21टालें
उद्वेग16:21 – 17:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:49 – 19:21शुभ
अमृत19:21 – 20:53शुभ
चर20:53 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 23:57टालें
काल23:57 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 03:01शुभ
उद्वेग03:01 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 06:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0507:04दिन
शुक्र07:0408:02दिन
बुध08:0209:01दिन
चंद्र09:0110:00दिन
शनि10:0010:58दिन
गुरु10:5811:57दिन
मंगल11:5712:56दिन
सूर्य12:5613:55दिन
शुक्र13:5514:53दिन
बुध14:5315:52दिन
चंद्र15:5216:51दिन
शनि16:5117:49दिन
गुरु17:4918:51रात
मंगल18:5119:52रात
सूर्य19:5220:53रात
शुक्र20:5321:55रात
बुध21:5522:56रात
चंद्र22:5623:57रात
शनि23:5700:59रात
गुरु00:5902:00रात
मंगल02:0003:01रात
सूर्य03:0104:03रात
शुक्र04:0305:04रात
बुध05:0406:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।