28 मार्च 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 28 मार्च 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 28 मार्च 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (22:16 तक), नक्षत्र आश्लेषा (05:08, 29 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 08:55 से 10:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:02
रात 05:52 तक
तिथि
एकादशी, 22:16 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 05:08 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 22:16 तक
शुक्ल द्वादशी 21:40, 29 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 05:08, 29 मार्च तक
मघा 05:18, 30 मार्च तक
योग
सुकर्मा 10:36 तक
धृति 08:49, 29 मार्च तक
करण
वणिज 10:43 तक
विष्टि (भद्रा) 22:16 तक
बव 09:55, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 05:08, 29 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
14:36
चंद्रास्त
02:29
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:55 – 10:26
यमगंड
13:28 – 15:00
गुलिक काल
05:52 – 07:24

28 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:52 – 07:24टालें
शुभ07:24 – 08:55शुभ
रोग08:55 – 10:26टालें
उद्वेग10:26 – 11:57टालें
चर11:57 – 13:28सामान्य
लाभ13:28 – 15:00शुभ
अमृत15:00 – 16:31शुभ
काल16:31 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:02 – 19:31शुभ
उद्वेग19:31 – 20:59टालें
शुभ20:59 – 22:28शुभ
अमृत22:28 – 23:57शुभ
चर23:57 – 01:26सामान्य
रोग01:26 – 02:54टालें
काल02:54 – 04:23टालें
लाभ04:23 – 05:52शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5206:53दिन
गुरु06:5307:54दिन
मंगल07:5408:55दिन
सूर्य08:5509:56दिन
शुक्र09:5610:56दिन
बुध10:5611:57दिन
चंद्र11:5712:58दिन
शनि12:5813:59दिन
गुरु13:5915:00दिन
मंगल15:0016:00दिन
सूर्य16:0017:01दिन
शुक्र17:0118:02दिन
बुध18:0219:01रात
चंद्र19:0120:00रात
शनि20:0020:59रात
गुरु20:5921:59रात
मंगल21:5922:58रात
सूर्य22:5823:57रात
शुक्र23:5700:56रात
बुध00:5601:55रात
चंद्र01:5502:54रात
शनि02:5403:54रात
गुरु03:5404:53रात
मंगल04:5305:52रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैल 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अप्रैल 2026वैशाख अमावस्याअमावस्या
20 अप्रैल 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2236° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।