6 नवंबर 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (01:18, 7 नव॰ तक), नक्षत्र हस्त (19:13 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 10:07 से 11:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 17:31
रात 05:40 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:18 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 19:13 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 01:18, 7 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 01:58, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 19:13 तक
चित्रा 20:22, 7 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 18:40 तक
प्रीति 17:57, 7 नव॰ तक
करण
गर 13:06 तक
वणिज 01:18, 7 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:35, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
03:22
चंद्रास्त
15:35
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:07 – 11:36
यमगंड
14:34 – 16:02
गुलिक काल
07:09 – 08:38

6 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:40 – 07:09सामान्य
लाभ07:09 – 08:38शुभ
अमृत08:38 – 10:07शुभ
काल10:07 – 11:36टालें
शुभ11:36 – 13:05शुभ
रोग13:05 – 14:34टालें
उद्वेग14:34 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:31 – 19:02टालें
काल19:02 – 20:34टालें
लाभ20:34 – 22:05शुभ
उद्वेग22:05 – 23:36टालें
शुभ23:36 – 01:07शुभ
अमृत01:07 – 02:38शुभ
चर02:38 – 04:09सामान्य
रोग04:09 – 05:40टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4006:39दिन
बुध06:3907:39दिन
चंद्र07:3908:38दिन
शनि08:3809:37दिन
गुरु09:3710:36दिन
मंगल10:3611:36दिन
सूर्य11:3612:35दिन
शुक्र12:3513:34दिन
बुध13:3414:34दिन
चंद्र14:3415:33दिन
शनि15:3316:32दिन
गुरु16:3217:31दिन
मंगल17:3118:32रात
सूर्य18:3219:33रात
शुक्र19:3320:34रात
बुध20:3421:34रात
चंद्र21:3422:35रात
शनि22:3523:36रात
गुरु23:3600:37रात
मंगल00:3701:37रात
सूर्य01:3702:38रात
शुक्र02:3803:39रात
बुध03:3904:40रात
चंद्र04:4005:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।