25 नवंबर 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 25 नवंबर 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 25 नवंबर 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (07:20 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:06 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 11:39 से 13:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 17:32
रात 05:46 तक
तिथि
द्वितीया, 03:45 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 11:06 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 07:20 तक
कृष्ण द्वितीया 03:45, 26 नव॰ तक
कृष्ण तृतीया 00:19, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:06 तक
मृगशिरा 08:17, 26 नव॰ तक
योग
सिद्ध 22:19 तक
साध्य 18:14, 26 नव॰ तक
करण
कौलव 07:20 तक
तैतिल 17:32 तक
गर 03:45, 26 नव॰ तक
वणिज 14:00, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 21:41 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
18:45
चंद्रास्त
06:39
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:39 – 13:07
यमगंड
07:14 – 08:42
गुलिक काल
10:11 – 11:39

25 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:46 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:42शुभ
काल08:42 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:07टालें
उद्वेग13:07 – 14:36टालें
चर14:36 – 16:04सामान्य
लाभ16:04 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:32 – 19:04टालें
शुभ19:04 – 20:36शुभ
अमृत20:36 – 22:08शुभ
चर22:08 – 23:39सामान्य
रोग23:39 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:43टालें
लाभ02:43 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:46टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4606:45दिन
चंद्र06:4507:44दिन
शनि07:4408:42दिन
गुरु08:4209:41दिन
मंगल09:4110:40दिन
सूर्य10:4011:39दिन
शुक्र11:3912:38दिन
बुध12:3813:37दिन
चंद्र13:3714:36दिन
शनि14:3615:35दिन
गुरु15:3516:34दिन
मंगल16:3417:32दिन
सूर्य17:3218:34रात
शुक्र18:3419:35रात
बुध19:3520:36रात
चंद्र20:3621:37रात
शनि21:3722:38रात
गुरु22:3823:39रात
मंगल23:3900:40रात
सूर्य00:4001:42रात
शुक्र01:4202:43रात
बुध02:4303:44रात
चंद्र03:4404:45रात
शनि04:4505:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
21 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।