25 मार्च 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 25 मार्च 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 25 मार्च 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (03:13, 26 मार्च तक), नक्षत्र स्वाति (10:09 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 13:29 से 15:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:02
रात 05:53 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 10:09 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 03:13, 26 मार्च तक
कृष्ण पंचमी 04:03, 27 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 10:09 तक
विशाखा 11:06, 26 मार्च तक
योग
हर्षण 20:51 तक
वज्रअशुभ 20:15, 26 मार्च तक
करण
बव 15:05 तक
बालव 03:13, 26 मार्च तक
कौलव 15:33, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 04:48, 26 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
20:55
चंद्रास्त
08:06
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 15:00
यमगंड
05:54 – 07:25
गुलिक काल
08:56 – 10:27

25 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:54 – 07:25शुभ
रोग07:25 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:27टालें
चर10:27 – 11:58सामान्य
लाभ11:58 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 15:00शुभ
काल15:00 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:02 – 19:31शुभ
चर19:31 – 21:00सामान्य
रोग21:00 – 22:29टालें
काल22:29 – 23:58टालें
लाभ23:58 – 01:27शुभ
उद्वेग01:27 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:25शुभ
अमृत04:25 – 05:53शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5406:55दिन
मंगल06:5507:55दिन
सूर्य07:5508:56दिन
शुक्र08:5609:57दिन
बुध09:5710:57दिन
चंद्र10:5711:58दिन
शनि11:5812:59दिन
गुरु12:5914:00दिन
मंगल14:0015:00दिन
सूर्य15:0016:01दिन
शुक्र16:0117:02दिन
बुध17:0218:02दिन
चंद्र18:0219:02रात
शनि19:0220:01रात
गुरु20:0121:00रात
मंगल21:0021:59रात
सूर्य21:5922:59रात
शुक्र22:5923:58रात
बुध23:5800:57रात
चंद्र00:5701:56रात
शनि01:5602:56रात
गुरु02:5603:55रात
मंगल03:5504:54रात
सूर्य04:5405:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।