30 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

गुरुवार, 30 सितंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:05 तक), नक्षत्र हस्त (16:41 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 13:13 से 14:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 17:44
रात 05:40 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:05 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 16:41 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:05 तक
शुक्ल द्वितीया 18:03, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 16:41 तक
चित्रा 15:19, 1 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 11:39 तक
इंद्र 08:41, 1 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:17 तक
बव 20:05 तक
बालव 07:00, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 03:56, 1 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
05:55
चंद्रास्त
18:09
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:13 – 14:43
यमगंड
05:40 – 07:11
गुलिक काल
08:41 – 10:12

30 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:40 – 07:11शुभ
रोग07:11 – 08:41टालें
उद्वेग08:41 – 10:12टालें
चर10:12 – 11:42सामान्य
लाभ11:42 – 13:13शुभ
अमृत13:13 – 14:43शुभ
काल14:43 – 16:13टालें
शुभ16:13 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:44 – 19:13शुभ
चर19:13 – 20:43सामान्य
रोग20:43 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:42टालें
लाभ23:42 – 01:12शुभ
उद्वेग01:12 – 02:41टालें
शुभ02:41 – 04:11शुभ
अमृत04:11 – 05:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4006:41दिन
मंगल06:4107:41दिन
सूर्य07:4108:41दिन
शुक्र08:4109:41दिन
बुध09:4110:42दिन
चंद्र10:4211:42दिन
शनि11:4212:42दिन
गुरु12:4213:43दिन
मंगल13:4314:43दिन
सूर्य14:4315:43दिन
शुक्र15:4316:44दिन
बुध16:4417:44दिन
चंद्र17:4418:44रात
शनि18:4419:43रात
गुरु19:4320:43रात
मंगल20:4321:43रात
सूर्य21:4322:42रात
शुक्र22:4223:42रात
बुध23:4200:42रात
चंद्र00:4201:41रात
शनि01:4102:41रात
गुरु02:4103:41रात
मंगल03:4104:40रात
सूर्य04:4005:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।