25 दिसंबर 2027 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 25 दिसंबर 2027, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 25 दिसंबर 2027 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:02 तक), नक्षत्र अनुराधा (16:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:44
रात 06:01 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:02 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अनुराधा, 16:19 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:02 तक
कृष्ण चतुर्दशी 14:53, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 17:44, 26 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 22:57 तक
गंडअशुभ 22:33, 26 दिस॰ तक
करण
वणिज 14:02 तक
विष्टि (भद्रा) 02:24, 26 दिस॰ तक
शकुनि 14:53, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
03:57
चंद्रास्त
15:56
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:24
यमगंड
13:20 – 14:48
गुलिक काल
06:00 – 07:28

25 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:00 – 07:28टालें
शुभ07:28 – 08:56शुभ
रोग08:56 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 11:52टालें
चर11:52 – 13:20सामान्य
लाभ13:20 – 14:48शुभ
अमृत14:48 – 16:16शुभ
काल16:16 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:44 – 19:16शुभ
उद्वेग19:16 – 20:48टालें
शुभ20:48 – 22:20शुभ
अमृत22:20 – 23:52शुभ
चर23:52 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 02:57टालें
काल02:57 – 04:29टालें
लाभ04:29 – 06:01शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0006:59दिन
गुरु06:5907:57दिन
मंगल07:5708:56दिन
सूर्य08:5609:55दिन
शुक्र09:5510:53दिन
बुध10:5311:52दिन
चंद्र11:5212:51दिन
शनि12:5113:49दिन
गुरु13:4914:48दिन
मंगल14:4815:47दिन
सूर्य15:4716:45दिन
शुक्र16:4517:44दिन
बुध17:4418:45रात
चंद्र18:4519:47रात
शनि19:4720:48रात
गुरु20:4821:50रात
मंगल21:5022:51रात
सूर्य22:5123:52रात
शुक्र23:5200:54रात
बुध00:5401:55रात
चंद्र01:5502:57रात
शनि02:5703:58रात
गुरु03:5804:59रात
मंगल04:5906:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 दिस॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2479° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।