29 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 29 सितंबर 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (05:04, 30 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (03:26, 30 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 10:12 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 17:44
रात 05:40 तक
तिथि
द्वादशी, 05:04 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा, 03:26 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 05:04, 30 सित॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 07:35, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 03:26, 30 सित॰ तक
शतभिषा 06:27, 1 अक्टू॰ तक
योग
धृति 21:04 तक
शूलअशुभ 22:01, 30 सित॰ तक
करण
बव 15:49 तक
बालव 05:04, 30 सित॰ तक
कौलव 18:19, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 13:57 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
15:06
चंद्रास्त
02:32
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
10:12 – 11:42
यमगंड
14:43 – 16:14
गुलिक काल
07:11 – 08:41

29 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:40 – 07:11सामान्य
लाभ07:11 – 08:41शुभ
अमृत08:41 – 10:12शुभ
काल10:12 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:13शुभ
रोग13:13 – 14:43टालें
उद्वेग14:43 – 16:14टालें
चर16:14 – 17:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:44 – 19:14टालें
काल19:14 – 20:43टालें
लाभ20:43 – 22:13शुभ
उद्वेग22:13 – 23:42टालें
शुभ23:42 – 01:12शुभ
अमृत01:12 – 02:41शुभ
चर02:41 – 04:11सामान्य
रोग04:11 – 05:40टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4006:41दिन
बुध06:4107:41दिन
चंद्र07:4108:41दिन
शनि08:4109:42दिन
गुरु09:4210:42दिन
मंगल10:4211:42दिन
सूर्य11:4212:42दिन
शुक्र12:4213:43दिन
बुध13:4314:43दिन
चंद्र14:4315:43दिन
शनि15:4316:44दिन
गुरु16:4417:44दिन
मंगल17:4418:44रात
सूर्य18:4419:43रात
शुक्र19:4320:43रात
बुध20:4321:43रात
चंद्र21:4322:42रात
शनि22:4223:42रात
गुरु23:4200:42रात
मंगल00:4201:41रात
सूर्य01:4102:41रात
शुक्र02:4103:41रात
बुध03:4104:40रात
चंद्र04:4005:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।