12 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

बुधवार, 12 सितंबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

बुधवार, 12 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (14:35 तक), नक्षत्र विशाखा (02:49, 13 सित॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 11:48 से 13:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:53
रात 05:43 तक
तिथि
पंचमी, 14:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 02:49 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 14:35 तक
शुक्ल षष्ठी 12:10, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 02:49, 13 सित॰ तक
अनुराधा 01:26, 14 सित॰ तक
योग
इंद्र 06:19 तक
वैधृतिअशुभ 03:04, 13 सित॰ तक
विष्कंभअशुभ 00:13, 14 सित॰ तक
करण
बालव 14:35 तक
कौलव 01:19, 13 सित॰ तक
तैतिल 12:10, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 21:14 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
09:30
चंद्रास्त
21:37
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:13 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:48 – 13:19
यमगंड
07:14 – 08:46
गुलिक काल
10:17 – 11:48

12 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:43 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:46शुभ
काल08:46 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:48शुभ
रोग11:48 – 13:19टालें
उद्वेग13:19 – 14:51टालें
चर14:51 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:53 – 19:22टालें
शुभ19:22 – 20:51शुभ
अमृत20:51 – 22:19शुभ
चर22:19 – 23:48सामान्य
रोग23:48 – 01:17टालें
काल01:17 – 02:45टालें
लाभ02:45 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:43टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4306:44दिन
चंद्र06:4407:45दिन
शनि07:4508:46दिन
गुरु08:4609:46दिन
मंगल09:4610:47दिन
सूर्य10:4711:48दिन
शुक्र11:4812:49दिन
बुध12:4913:50दिन
चंद्र13:5014:51दिन
शनि14:5115:52दिन
गुरु15:5216:52दिन
मंगल16:5217:53दिन
सूर्य17:5318:52रात
शुक्र18:5219:52रात
बुध19:5220:51रात
चंद्र20:5121:50रात
शनि21:5022:49रात
गुरु22:4923:48रात
मंगल23:4800:47रात
सूर्य00:4701:46रात
शुक्र01:4602:45रात
बुध02:4503:45रात
चंद्र03:4504:44रात
शनि04:4405:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2719° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।