20 सितंबर 2027 को ह्यूस्टन का पंचांग

सोमवार, 20 सितंबर 2027, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 20 सितंबर 2027 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (20:13 तक), नक्षत्र भरणी (07:39 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है। राहुकाल 08:40 से 10:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 19:20
रात 07:09 तक
तिथि
पंचमी, 20:13 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 20:13 तक
कृष्ण षष्ठी 19:22, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 07:39 तक
कृत्तिका 07:43, 21 सित॰ तक
योग
हर्षण 19:19 तक
वज्रअशुभ 17:34, 21 सित॰ तक
करण
कौलव 08:29 तक
तैतिल 20:13 तक
गर 07:51, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 13:42 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
19:20
चंद्रोदय
22:04
चंद्रास्त
11:38
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:50 – 13:39

अशुभ समय

राहुकाल
08:40 – 10:11
यमगंड
11:43 – 13:14
गुलिक काल
14:46 – 16:17

20 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:08 – 08:40शुभ
काल08:40 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:14टालें
उद्वेग13:14 – 14:46टालें
चर14:46 – 16:17सामान्य
लाभ16:17 – 17:49शुभ
अमृत17:49 – 19:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:20 – 20:49सामान्य
रोग20:49 – 22:17टालें
काल22:17 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:14शुभ
उद्वेग01:14 – 02:43टालें
शुभ02:43 – 04:12शुभ
अमृत04:12 – 05:40शुभ
चर05:40 – 07:09सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0808:09दिन
शनि08:0909:10दिन
गुरु09:1010:11दिन
मंगल10:1111:12दिन
सूर्य11:1212:13दिन
शुक्र12:1313:14दिन
बुध13:1414:15दिन
चंद्र14:1515:16दिन
शनि15:1616:17दिन
गुरु16:1717:18दिन
मंगल17:1818:19दिन
सूर्य18:1919:20दिन
शुक्र19:2020:19रात
बुध20:1921:18रात
चंद्र21:1822:17रात
शनि22:1723:16रात
गुरु23:1600:15रात
मंगल00:1501:14रात
सूर्य01:1402:13रात
शुक्र02:1303:13रात
बुध03:1304:12रात
चंद्र04:1205:11रात
शनि05:1106:10रात
गुरु06:1007:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2443° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।