29 सितंबर 2027 को ह्यूस्टन का पंचांग

बुधवार, 29 सितंबर 2027, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 29 सितंबर 2027 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (21:36 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (17:30 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 13:11 से 14:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 19:09
रात 07:14 तक
तिथि
अमावस्या, 21:36 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 17:30 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 21:36 तक
शुक्ल प्रतिपदा 19:05, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:41, 30 सित॰ तक
योग
शुक्ल 13:56 तक
ब्रह्म 10:39, 30 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 10:59 तक
नाग 21:36 तक
किंस्तुघ्न 08:17, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
06:41
चंद्रास्त
18:45
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:37 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:47 – 13:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:11 – 14:41
यमगंड
08:43 – 10:12
गुलिक काल
11:42 – 13:11

29 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:13 – 08:43शुभ
अमृत08:43 – 10:12शुभ
काल10:12 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:11शुभ
रोग13:11 – 14:41टालें
उद्वेग14:41 – 16:10टालें
चर16:10 – 17:40सामान्य
लाभ17:40 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:09 – 20:40टालें
शुभ20:40 – 22:10शुभ
अमृत22:10 – 23:41शुभ
चर23:41 – 01:11सामान्य
रोग01:11 – 02:42टालें
काल02:42 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:43शुभ
उद्वेग05:43 – 07:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1308:13दिन
चंद्र08:1309:12दिन
शनि09:1210:12दिन
गुरु10:1211:12दिन
मंगल11:1212:11दिन
सूर्य12:1113:11दिन
शुक्र13:1114:11दिन
बुध14:1115:10दिन
चंद्र15:1016:10दिन
शनि16:1017:10दिन
गुरु17:1018:09दिन
मंगल18:0919:09दिन
सूर्य19:0920:09रात
शुक्र20:0921:10रात
बुध21:1022:10रात
चंद्र22:1023:11रात
शनि23:1100:11रात
गुरु00:1101:11रात
मंगल01:1102:12रात
सूर्य02:1203:12रात
शुक्र03:1204:13रात
बुध04:1305:13रात
चंद्र05:1306:13रात
शनि06:1307:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।