23 अक्टूबर 2028 को ह्यूस्टन का पंचांग

सोमवार, 23 अक्टूबर 2028, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 23 अक्टूबर 2028 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:23 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (01:52, 24 अक्टू॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 08:53 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:42
रात 07:29 तक
तिथि
षष्ठी, 10:23 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 01:52 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:23 तक
शुक्ल सप्तमी 11:11, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 01:52, 24 अक्टू॰ तक
उत्तराषाढ़ा 03:42, 25 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 01:02, 24 अक्टू॰ तक
धृति 00:55, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:23 तक
गर 22:41 तक
वणिज 11:11, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
13:09
चंद्रास्त
23:41
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:46 – 06:37
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:27

अशुभ समय

राहुकाल
08:53 – 10:17
यमगंड
11:41 – 13:05
गुलिक काल
14:29 – 15:53

23 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:28 – 08:53शुभ
काल08:53 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:41शुभ
रोग11:41 – 13:05टालें
उद्वेग13:05 – 14:29टालें
चर14:29 – 15:53सामान्य
लाभ15:53 – 17:17शुभ
अमृत17:17 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:42 – 20:18सामान्य
रोग20:18 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 01:05शुभ
उद्वेग01:05 – 02:41टालें
शुभ02:41 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:53शुभ
चर05:53 – 07:29सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2808:25दिन
शनि08:2509:21दिन
गुरु09:2110:17दिन
मंगल10:1711:13दिन
सूर्य11:1312:09दिन
शुक्र12:0913:05दिन
बुध13:0514:01दिन
चंद्र14:0114:57दिन
शनि14:5715:53दिन
गुरु15:5316:49दिन
मंगल16:4917:45दिन
सूर्य17:4518:42दिन
शुक्र18:4219:46रात
बुध19:4620:49रात
चंद्र20:4921:53रात
शनि21:5322:57रात
गुरु22:5700:01रात
मंगल00:0101:05रात
सूर्य01:0502:09रात
शुक्र02:0903:13रात
बुध03:1304:17रात
चंद्र04:1705:21रात
शनि05:2106:25रात
गुरु06:2507:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
5 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
19 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।