15 जनवरी 2029 को ह्यूस्टन का पंचांग

सोमवार, 15 जनवरी 2029, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 15 जनवरी 2029 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:00 तक), नक्षत्र श्रवण (06:39, 16 जन॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 08:35 से 09:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 17:44
रात 07:17 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 06:39 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:00 तक
शुक्ल द्वितीया 13:07, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 06:39, 16 जन॰ तक
धनिष्ठा 08:37, 17 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:26 तक
सिद्धि 20:15, 16 जन॰ तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 00:30, 16 जन॰ तक
कौलव 13:07, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
07:51
चंद्रास्त
18:55
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 09:54
यमगंड
11:12 – 12:31
गुलिक काल
13:49 – 15:08

15 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:17 – 08:35शुभ
काल08:35 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:08सामान्य
लाभ15:08 – 16:26शुभ
अमृत16:26 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:44 – 19:26सामान्य
रोग19:26 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:54शुभ
अमृत03:54 – 05:35शुभ
चर05:35 – 07:17सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1708:09दिन
शनि08:0909:02दिन
गुरु09:0209:54दिन
मंगल09:5410:46दिन
सूर्य10:4611:38दिन
शुक्र11:3812:31दिन
बुध12:3113:23दिन
चंद्र13:2314:15दिन
शनि14:1515:08दिन
गुरु15:0816:00दिन
मंगल16:0016:52दिन
सूर्य16:5217:44दिन
शुक्र17:4418:52रात
बुध18:5220:00रात
चंद्र20:0021:07रात
शनि21:0722:15रात
गुरु22:1523:23रात
मंगल23:2300:31रात
सूर्य00:3101:38रात
शुक्र01:3802:46रात
बुध02:4603:54रात
चंद्र03:5405:01रात
शनि05:0106:09रात
गुरु06:0907:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।