27 दिसंबर 2026 को इम्फाल का पंचांग

रविवार, 27 दिसंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 दिसंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:13 तक), नक्षत्र आश्लेषा (18:04 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 16:33 पर है। राहुकाल 15:13 से 16:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 16:33
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 18:04 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:13 तक
कृष्ण पंचमी 14:58, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 16:33, 28 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:53 तक
प्रीति 17:55, 28 दिस॰ तक
करण
बव 06:35 तक
बालव 17:13 तक
कौलव 04:01, 28 दिस॰ तक
तैतिल 14:58, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 18:04 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
16:33
चंद्रोदय
20:17
चंद्रास्त
08:44
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
10:53 – 11:36

अशुभ समय

राहुकाल
15:13 – 16:33
यमगंड
11:15 – 12:34
गुलिक काल
13:54 – 15:13

27 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:56 – 07:16टालें
चर07:16 – 08:36सामान्य
लाभ08:36 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:15शुभ
काल11:15 – 12:34टालें
शुभ12:34 – 13:54शुभ
रोग13:54 – 15:13टालें
उद्वेग15:13 – 16:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:33 – 18:13शुभ
अमृत18:13 – 19:54शुभ
चर19:54 – 21:34सामान्य
रोग21:34 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:55टालें
लाभ00:55 – 02:36शुभ
उद्वेग02:36 – 04:16टालें
शुभ04:16 – 05:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5606:49दिन
शुक्र06:4907:43दिन
बुध07:4308:36दिन
चंद्र08:3609:29दिन
शनि09:2910:22दिन
गुरु10:2211:15दिन
मंगल11:1512:08दिन
सूर्य12:0813:01दिन
शुक्र13:0113:54दिन
बुध13:5414:47दिन
चंद्र14:4715:40दिन
शनि15:4016:33दिन
गुरु16:3317:40रात
मंगल17:4018:47रात
सूर्य18:4719:54रात
शुक्र19:5421:01रात
बुध21:0122:08रात
चंद्र22:0823:15रात
शनि23:1500:22रात
गुरु00:2201:29रात
मंगल01:2902:36रात
सूर्य02:3603:43रात
शुक्र03:4304:50रात
बुध04:5005:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां इम्फाल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।