6 फ़रवरी 2028 को जामनगर का पंचांग

रविवार, 6 फ़रवरी 2028, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 फ़रवरी 2028 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (11:18 तक), नक्षत्र रोहिणी (12:24 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 17:16 से 18:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 18:40
रात 07:26 तक
तिथि
दशमी, 11:18 तक
एकादशी
नक्षत्र
रोहिणी, 12:24 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 11:18 तक
शुक्ल एकादशी 09:25, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:24 तक
मृगशिरा 11:09, 7 फ़र॰ तक
योग
इंद्र 13:20 तक
वैधृतिअशुभ 10:34, 7 फ़र॰ तक
करण
गर 11:18 तक
वणिज 22:27 तक
विष्टि (भद्रा) 09:25, 7 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:52 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
14:07
चंद्रास्त
03:14
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:41 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
17:16 – 18:40
यमगंड
13:03 – 14:28
गुलिक काल
15:52 – 17:16

6 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:26 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:15सामान्य
लाभ10:15 – 11:39शुभ
अमृत11:39 – 13:03शुभ
काल13:03 – 14:28टालें
शुभ14:28 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:16टालें
उद्वेग17:16 – 18:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:40 – 20:16शुभ
अमृत20:16 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:50टालें
शुभ05:50 – 07:26शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2608:22दिन
शुक्र08:2209:19दिन
बुध09:1910:15दिन
चंद्र10:1511:11दिन
शनि11:1112:07दिन
गुरु12:0713:03दिन
मंगल13:0314:00दिन
सूर्य14:0014:56दिन
शुक्र14:5615:52दिन
बुध15:5216:48दिन
चंद्र16:4817:44दिन
शनि17:4418:40दिन
गुरु18:4019:44रात
मंगल19:4420:48रात
सूर्य20:4821:52रात
शुक्र21:5222:56रात
बुध22:5623:59रात
चंद्र23:5901:03रात
शनि01:0302:07रात
गुरु02:0703:11रात
मंगल03:1104:14रात
सूर्य04:1405:18रात
शुक्र05:1806:22रात
बुध06:2207:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2496° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।