24 फ़रवरी 2028 को जामनगर का पंचांग

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2028, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2028 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (13:27 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (05:05, 25 फ़र॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 14:30 से 15:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 18:50
रात 07:14 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:27 तक
अमावस्या
नक्षत्र
धनिष्ठा, 05:05 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 13:27 तक
अमावस्या 16:07, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 05:05, 25 फ़र॰ तक
शतभिषा 08:08, 26 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 19:47 तक
शिव 20:45, 25 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 13:27 तक
चतुष्पद 02:47, 25 फ़र॰ तक
नाग 16:07, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मकर 15:32 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
06:25
चंद्रास्त
18:03
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:36 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:30 – 15:56
यमगंड
07:15 – 08:42
गुलिक काल
10:09 – 11:36

24 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:15 – 08:42शुभ
रोग08:42 – 10:09टालें
उद्वेग10:09 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:03सामान्य
लाभ13:03 – 14:30शुभ
अमृत14:30 – 15:56शुभ
काल15:56 – 17:23टालें
शुभ17:23 – 18:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:50 – 20:23शुभ
चर20:23 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:29टालें
काल23:29 – 01:02टालें
लाभ01:02 – 02:35शुभ
उद्वेग02:35 – 04:08टालें
शुभ04:08 – 05:41शुभ
अमृत05:41 – 07:14शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1508:13दिन
मंगल08:1309:11दिन
सूर्य09:1110:09दिन
शुक्र10:0911:07दिन
बुध11:0712:05दिन
चंद्र12:0513:03दिन
शनि13:0314:01दिन
गुरु14:0114:59दिन
मंगल14:5915:56दिन
सूर्य15:5616:54दिन
शुक्र16:5417:52दिन
बुध17:5218:50दिन
चंद्र18:5019:52रात
शनि19:5220:54रात
गुरु20:5421:56रात
मंगल21:5622:58रात
सूर्य22:5800:00रात
शुक्र00:0001:02रात
बुध01:0202:04रात
चंद्र02:0403:06रात
शनि03:0604:08रात
गुरु04:0805:10रात
मंगल05:1006:12रात
सूर्य06:1207:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2503° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।