8 फ़रवरी 2029 को जामनगर का पंचांग

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2029, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2029 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (12:45 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (20:52 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 14:28 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 18:42
रात 07:24 तक
तिथि
दशमी, 12:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 20:52 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 12:45 तक
कृष्ण एकादशी 12:34, 9 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:26, 9 फ़र॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 16:33 तक
हर्षण 15:16, 9 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:45 तक
बव 00:36, 9 फ़र॰ तक
बालव 12:34, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
03:13
चंद्रास्त
14:07
दिनमान
11h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:41 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:28 – 15:53
यमगंड
07:25 – 08:50
गुलिक काल
10:14 – 11:39

8 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:25 – 08:50शुभ
रोग08:50 – 10:14टालें
उद्वेग10:14 – 11:39टालें
चर11:39 – 13:04सामान्य
लाभ13:04 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:17टालें
शुभ17:17 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:42 – 20:17शुभ
चर20:17 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:28टालें
काल23:28 – 01:03टालें
लाभ01:03 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 04:14टालें
शुभ04:14 – 05:49शुभ
अमृत05:49 – 07:24शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2508:21दिन
मंगल08:2109:18दिन
सूर्य09:1810:14दिन
शुक्र10:1411:11दिन
बुध11:1112:07दिन
चंद्र12:0713:04दिन
शनि13:0414:00दिन
गुरु14:0014:56दिन
मंगल14:5615:53दिन
सूर्य15:5316:49दिन
शुक्र16:4917:46दिन
बुध17:4618:42दिन
चंद्र18:4219:46रात
शनि19:4620:49रात
गुरु20:4921:53रात
मंगल21:5322:56रात
सूर्य22:5600:00रात
शुक्र00:0001:03रात
बुध01:0302:07रात
चंद्र02:0703:10रात
शनि03:1004:14रात
गुरु04:1405:17रात
मंगल05:1706:21रात
सूर्य06:2107:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2636° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।