7 फ़रवरी 2029 को जामनगर का पंचांग

बुधवार, 7 फ़रवरी 2029, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 फ़रवरी 2029 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (13:25 तक), नक्षत्र अनुराधा (20:45 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 13:03 से 14:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 18:41
रात 07:25 तक
तिथि
नवमी, 13:25 तक
दशमी
नक्षत्र
अनुराधा, 20:45 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 13:25 तक
कृष्ण दशमी 12:45, 8 फ़र॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 20:52, 8 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 18:12 तक
व्याघातअशुभ 16:33, 8 फ़र॰ तक
करण
गर 13:25 तक
वणिज 01:02, 8 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:45, 8 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
02:13
चंद्रास्त
13:11
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:41 – 13:26 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:03 – 14:28
यमगंड
08:50 – 10:14
गुलिक काल
11:39 – 13:03

7 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:25 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:14शुभ
काल10:14 – 11:39टालें
शुभ11:39 – 13:03शुभ
रोग13:03 – 14:28टालें
उद्वेग14:28 – 15:52टालें
चर15:52 – 17:17सामान्य
लाभ17:17 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:41 – 20:17टालें
शुभ20:17 – 21:52शुभ
अमृत21:52 – 23:28शुभ
चर23:28 – 01:03सामान्य
रोग01:03 – 02:39टालें
काल02:39 – 04:14टालें
लाभ04:14 – 05:50शुभ
उद्वेग05:50 – 07:25टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2508:22दिन
चंद्र08:2209:18दिन
शनि09:1810:14दिन
गुरु10:1411:11दिन
मंगल11:1112:07दिन
सूर्य12:0713:03दिन
शुक्र13:0314:00दिन
बुध14:0014:56दिन
चंद्र14:5615:52दिन
शनि15:5216:49दिन
गुरु16:4917:45दिन
मंगल17:4518:41दिन
सूर्य18:4119:45रात
शुक्र19:4520:49रात
बुध20:4921:52रात
चंद्र21:5222:56रात
शनि22:5600:00रात
गुरु00:0001:03रात
मंगल01:0302:07रात
सूर्य02:0703:10रात
शुक्र03:1004:14रात
बुध04:1405:18रात
चंद्र05:1806:21रात
शनि06:2107:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2636° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।