3 दिसंबर 2029 को जामनगर का पंचांग

सोमवार, 3 दिसंबर 2029, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 दिसंबर 2029 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (03:16, 4 दिस॰ तक), नक्षत्र स्वाति (21:18 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 08:35 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 18:04
रात 07:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति, 21:18 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 03:16, 4 दिस॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 23:47, 4 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 21:18 तक
विशाखा 18:34, 4 दिस॰ तक
योग
शोभन 20:05 तक
अतिगंडअशुभ 15:59, 4 दिस॰ तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 03:16, 4 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:31, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
04:31
चंद्रास्त
15:55
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 09:56
यमगंड
11:18 – 12:39
गुलिक काल
14:00 – 15:22

3 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:14 – 08:35शुभ
काल08:35 – 09:56टालें
शुभ09:56 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 14:00टालें
चर14:00 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:04 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:22टालें
काल21:22 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:39शुभ
उद्वेग00:39 – 02:18टालें
शुभ02:18 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:36शुभ
चर05:36 – 07:14सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1408:08दिन
शनि08:0809:02दिन
गुरु09:0209:56दिन
मंगल09:5610:51दिन
सूर्य10:5111:45दिन
शुक्र11:4512:39दिन
बुध12:3913:33दिन
चंद्र13:3314:27दिन
शनि14:2715:22दिन
गुरु15:2216:16दिन
मंगल16:1617:10दिन
सूर्य17:1018:04दिन
शुक्र18:0419:10रात
बुध19:1020:16रात
चंद्र20:1621:22रात
शनि21:2222:28रात
गुरु22:2823:33रात
मंगल23:3300:39रात
सूर्य00:3901:45रात
शुक्र01:4502:51रात
बुध02:5103:57रात
चंद्र03:5705:03रात
शनि05:0306:09रात
गुरु06:0907:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
9 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
24 दिस॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 दिस॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
31 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां जामनगर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2750° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।