6 जनवरी 2026 को जूनागढ़ का पंचांग

मंगलवार, 6 जनवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:17 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 15:37 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:20
रात 07:27 तक
तिथि
चतुर्थी, 06:53 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:02 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:53, 7 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56, 7 जन॰ तक
योग
प्रीति 20:21 तक
आयुष्मान 18:33, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:02 तक
बव 19:21 तक
बालव 06:53, 7 जन॰ तक
कौलव 18:37, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 12:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
21:31
चंद्रास्त
09:52
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
15:37 – 16:58
यमगंड
10:10 – 11:32
गुलिक काल
12:53 – 14:15

6 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:27 – 08:49टालें
उद्वेग08:49 – 10:10टालें
चर10:10 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:15शुभ
काल14:15 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:20 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 23:15टालें
शुभ23:15 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:32शुभ
चर02:32 – 04:10सामान्य
रोग04:10 – 05:49टालें
काल05:49 – 07:27टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2708:21दिन
सूर्य08:2109:16दिन
शुक्र09:1610:10दिन
बुध10:1011:05दिन
चंद्र11:0511:59दिन
शनि11:5912:53दिन
गुरु12:5313:48दिन
मंगल13:4814:42दिन
सूर्य14:4215:37दिन
शुक्र15:3716:31दिन
बुध16:3117:26दिन
चंद्र17:2618:20दिन
शनि18:2019:26रात
गुरु19:2620:31रात
मंगल20:3121:37रात
सूर्य21:3722:42रात
शुक्र22:4223:48रात
बुध23:4800:54रात
चंद्र00:5401:59रात
शनि01:5903:05रात
गुरु03:0504:10रात
मंगल04:1005:16रात
सूर्य05:1606:22रात
शुक्र06:2207:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जूनागढ़ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।