26 जनवरी 2029 को कोझिकोड का पंचांग

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029, कोझिकोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029 को कोझिकोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:13 तक), नक्षत्र रोहिणी (14:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:27
रात 06:51 तक
तिथि
एकादशी, 17:13 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रोहिणी, 14:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:13 तक
शुक्ल द्वादशी 16:49, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:59 तक
मृगशिरा 15:15, 27 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 10:47 तक
इंद्र 09:27, 27 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:13 तक
बव 05:07, 27 जन॰ तक
बालव 16:49, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:13, 27 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
14:46
चंद्रास्त
03:02
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:39
यमगंड
15:33 – 17:00
गुलिक काल
08:18 – 09:45

26 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:51 – 08:18सामान्य
लाभ08:18 – 09:45शुभ
अमृत09:45 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:39टालें
शुभ12:39 – 14:06शुभ
रोग14:06 – 15:33टालें
उद्वेग15:33 – 17:00टालें
चर17:00 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 20:00टालें
काल20:00 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 23:06शुभ
उद्वेग23:06 – 00:39टालें
शुभ00:39 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:45शुभ
चर03:45 – 05:18सामान्य
रोग05:18 – 06:51टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5107:49दिन
बुध07:4908:47दिन
चंद्र08:4709:45दिन
शनि09:4510:43दिन
गुरु10:4311:41दिन
मंगल11:4112:39दिन
सूर्य12:3913:37दिन
शुक्र13:3714:35दिन
बुध14:3515:33दिन
चंद्र15:3316:31दिन
शनि16:3117:29दिन
गुरु17:2918:27दिन
मंगल18:2719:29रात
सूर्य19:2920:31रात
शुक्र20:3121:33रात
बुध21:3322:35रात
चंद्र22:3523:37रात
शनि23:3700:39रात
गुरु00:3901:41रात
मंगल01:4102:43रात
सूर्य02:4303:45रात
शुक्र03:4504:47रात
बुध04:4705:49रात
चंद्र05:4906:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोझिकोड में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2631° (लाहिड़ी)। समय कोझिकोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।