28 फ़रवरी 2029 को कुवैत सिटी का पंचांग

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029, कुवैत सिटी, Kuwait। समय Asia/Kuwait में है।

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029 को कुवैत सिटी में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:10 तक), नक्षत्र मघा (15:43 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:46
रात 06:13 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:10 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 15:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 20:10 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:31, 1 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 15:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी 12:51, 1 मार्च तक
योग
सुकर्मा 21:46 तक
धृति 17:33, 1 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:55 तक
बव 20:10 तक
बालव 06:21, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
17:39
चंद्रास्त
05:39
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:23 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:27
यमगंड
07:41 – 09:07
गुलिक काल
10:34 – 12:00

28 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:14 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:07शुभ
काल09:07 – 10:34टालें
शुभ10:34 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:27टालें
उद्वेग13:27 – 14:53टालें
चर14:53 – 16:20सामान्य
लाभ16:20 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:46 – 19:20टालें
शुभ19:20 – 20:53शुभ
अमृत20:53 – 22:26शुभ
चर22:26 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:33टालें
काल01:33 – 03:06टालें
लाभ03:06 – 04:40शुभ
उद्वेग04:40 – 06:13टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1407:12दिन
चंद्र07:1208:10दिन
शनि08:1009:07दिन
गुरु09:0710:05दिन
मंगल10:0511:03दिन
सूर्य11:0312:00दिन
शुक्र12:0012:58दिन
बुध12:5813:56दिन
चंद्र13:5614:53दिन
शनि14:5315:51दिन
गुरु15:5116:49दिन
मंगल16:4917:46दिन
सूर्य17:4618:49रात
शुक्र18:4919:51रात
बुध19:5120:53रात
चंद्र20:5321:55रात
शनि21:5522:58रात
गुरु22:5800:00रात
मंगल00:0001:02रात
सूर्य01:0202:04रात
शुक्र02:0403:06रात
बुध03:0604:09रात
चंद्र04:0905:11रात
शनि05:1106:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां कुवैत सिटी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय कुवैत सिटी (Asia/Kuwait) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।