20 जनवरी 2025 को लंदन का पंचांग

सोमवार, 20 जनवरी 2025, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

सोमवार, 20 जनवरी 2025 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (07:10, 21 जन॰ तक), नक्षत्र हस्त (15:00 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:29 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:03 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:29
रात 07:53 तक
तिथि
सप्तमी, 07:10 तक
नक्षत्र
हस्त, 15:00 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 07:10, 21 जन॰ तक
कृष्ण अष्टमी 09:48, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:00 तक
चित्रा 18:06, 21 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 21:22 तक
धृति 22:19, 21 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:48 तक
बव 07:10, 21 जन॰ तक
बालव 20:30, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:33, 21 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:29
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:16
दिनमान
8h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:52
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:03
यमगंड
11:07 – 12:11
गुलिक काल
13:16 – 14:20

20 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:54 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:03टालें
शुभ10:03 – 11:07शुभ
रोग11:07 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:16टालें
चर13:16 – 14:20सामान्य
लाभ14:20 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 16:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:29 – 18:24सामान्य
रोग18:24 – 20:20टालें
काल20:20 – 22:15टालें
लाभ22:15 – 00:11शुभ
उद्वेग00:11 – 02:06टालें
शुभ02:06 – 04:02शुभ
अमृत04:02 – 05:57शुभ
चर05:57 – 07:53सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:5408:37दिन
शनि08:3709:20दिन
गुरु09:2010:03दिन
मंगल10:0310:46दिन
सूर्य10:4611:28दिन
शुक्र11:2812:11दिन
बुध12:1112:54दिन
चंद्र12:5413:37दिन
शनि13:3714:20दिन
गुरु14:2015:03दिन
मंगल15:0315:46दिन
सूर्य15:4616:29दिन
शुक्र16:2917:46रात
बुध17:4619:03रात
चंद्र19:0320:20रात
शनि20:2021:37रात
गुरु21:3722:54रात
मंगल22:5400:11रात
सूर्य00:1101:28रात
शुक्र01:2802:45रात
बुध02:4504:02रात
चंद्र04:0205:19रात
शनि05:1906:36रात
गुरु06:3607:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।