24 जून 2027 को लंदन का पंचांग

गुरुवार, 24 जून 2027, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

गुरुवार, 24 जून 2027 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (13:40 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (09:51 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 04:43 पर और सूर्यास्त 21:21 पर है। राहुकाल 15:07 से 17:12 तक है।

दिन और रात
दिन 04:43 – 21:21
रात 04:44 तक
तिथि
पंचमी, 13:40 तक
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 09:51 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त
अभिजीत

24 जून 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 13:40 तक
कृष्ण षष्ठी 15:47, 25 जून तक
नक्षत्र
शतभिषा 12:37, 25 जून तक
योग
विष्कंभअशुभ 06:36 तक
प्रीति 07:26, 25 जून तक
करण
तैतिल 13:40 तक
गर 02:47, 25 जून तक
वणिज 15:47, 25 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:43
सूर्यास्त
21:21
चंद्रोदय
23:57
चंद्रास्त
10:12
दिनमान
16h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:36

अशुभ समय

राहुकाल
15:07 – 17:12
यमगंड
04:43 – 06:48
गुलिक काल
08:53 – 10:58

24 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:43 – 06:48शुभ
रोग06:48 – 08:53टालें
उद्वेग08:53 – 10:58टालें
चर10:58 – 13:02सामान्य
लाभ13:02 – 15:07शुभ
अमृत15:07 – 17:12शुभ
काल17:12 – 19:17टालें
शुभ19:17 – 21:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत21:21 – 22:17शुभ
चर22:17 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:07टालें
काल00:07 – 01:03टालें
लाभ01:03 – 01:58शुभ
उद्वेग01:58 – 02:53टालें
शुभ02:53 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 04:44शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:4306:07दिन
मंगल06:0707:30दिन
सूर्य07:3008:53दिन
शुक्र08:5310:16दिन
बुध10:1611:39दिन
चंद्र11:3913:02दिन
शनि13:0214:26दिन
गुरु14:2615:49दिन
मंगल15:4917:12दिन
सूर्य17:1218:35दिन
शुक्र18:3519:58दिन
बुध19:5821:21दिन
चंद्र21:2121:58रात
शनि21:5822:35रात
गुरु22:3523:12रात
मंगल23:1223:49रात
सूर्य23:4900:26रात
शुक्र00:2601:03रात
बुध01:0301:39रात
चंद्र01:3902:16रात
शनि02:1602:53रात
गुरु02:5303:30रात
मंगल03:3004:07रात
सूर्य04:0704:44रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जून 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
30 जून 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
2 जुल॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
3 जुल॰ 2027आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
7 जुल॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जुल॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 जुल॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 जुल॰ 2027कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुल॰ 2027आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
22 जुल॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2409° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।