17 जनवरी 2029 को लंदन का पंचांग

बुधवार, 17 जनवरी 2029, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

बुधवार, 17 जनवरी 2029 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (20:44 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (14:37 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:24 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:24
रात 07:56 तक
तिथि
तृतीया, 20:44 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 14:37 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 20:44 तक
शुक्ल चतुर्थी 22:47, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 17:02, 18 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 02:26, 18 जन॰ तक
वरीयान 02:56, 19 जन॰ तक
करण
गर 20:44 तक
वणिज 09:42, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:24
चंद्रोदय
08:52
चंद्रास्त
19:53
दिनमान
8h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:14
यमगंड
09:00 – 10:04
गुलिक काल
11:07 – 12:10

17 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:57 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:04शुभ
काल10:04 – 11:07टालें
शुभ11:07 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:14टालें
उद्वेग13:14 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:21सामान्य
लाभ15:21 – 16:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:24 – 18:20टालें
शुभ18:20 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 22:13शुभ
चर22:13 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 02:06टालें
काल02:06 – 04:03टालें
लाभ04:03 – 05:59शुभ
उद्वेग05:59 – 07:56टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:5708:39दिन
चंद्र08:3909:21दिन
शनि09:2110:04दिन
गुरु10:0410:46दिन
मंगल10:4611:28दिन
सूर्य11:2812:10दिन
शुक्र12:1012:53दिन
बुध12:5313:35दिन
चंद्र13:3514:17दिन
शनि14:1714:59दिन
गुरु14:5915:42दिन
मंगल15:4216:24दिन
सूर्य16:2417:42रात
शुक्र17:4218:59रात
बुध18:5920:17रात
चंद्र20:1721:35रात
शनि21:3522:52रात
गुरु22:5200:10रात
मंगल00:1001:28रात
सूर्य01:2802:45रात
शुक्र02:4504:03रात
बुध04:0305:21रात
चंद्र05:2106:38रात
शनि06:3807:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2628° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।