16 जून 2029 को लंदन का पंचांग

शनिवार, 16 जून 2029, लंदन, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

शनिवार, 16 जून 2029 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:20, 17 जून तक), नक्षत्र आश्लेषा (23:57 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 04:42 पर और सूर्यास्त 21:20 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:56 तक है।

दिन और रात
दिन 04:42 – 21:20
रात 04:42 तक
तिथि
पंचमी, 03:20 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आश्लेषा, 23:57 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त
अभिजीत

16 जून 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:20, 17 जून तक
शुक्ल षष्ठी 01:49, 18 जून तक
नक्षत्र
मघा 23:14, 17 जून तक
योग
व्याघातअशुभ 09:58 तक
हर्षण 07:56, 17 जून तक
करण
बव 15:58 तक
बालव 03:20, 17 जून तक
कौलव 14:37, 17 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 23:57 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:42
सूर्यास्त
21:20
चंद्रोदय
09:25
चंद्रास्त
23:47
दिनमान
16h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:13
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:34

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:56
यमगंड
15:06 – 17:10
गुलिक काल
04:42 – 06:47

16 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल04:42 – 06:47टालें
शुभ06:47 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:56टालें
उद्वेग10:56 – 13:01टालें
चर13:01 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 17:10शुभ
अमृत17:10 – 19:15शुभ
काल19:15 – 21:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ21:20 – 22:15शुभ
उद्वेग22:15 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:01शुभ
चर01:01 – 01:56सामान्य
रोग01:56 – 02:52टालें
काल02:52 – 03:47टालें
लाभ03:47 – 04:42शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि04:4206:05दिन
गुरु06:0507:28दिन
मंगल07:2808:52दिन
सूर्य08:5210:15दिन
शुक्र10:1511:38दिन
बुध11:3813:01दिन
चंद्र13:0114:24दिन
शनि14:2415:47दिन
गुरु15:4717:10दिन
मंगल17:1018:33दिन
सूर्य18:3319:56दिन
शुक्र19:5621:20दिन
बुध21:2021:56रात
चंद्र21:5622:33रात
शनि22:3323:10रात
गुरु23:1023:47रात
मंगल23:4700:24रात
सूर्य00:2401:01रात
शुक्र01:0101:38रात
बुध01:3802:15रात
चंद्र02:1502:52रात
शनि02:5203:28रात
गुरु03:2804:05रात
मंगल04:0504:42रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 जून 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
24 जून 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 जून 2029ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
29 जून 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 जुल॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 जुल॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 जुल॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
11 जुल॰ 2029आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
15 जुल॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां लंदन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2685° (लाहिड़ी)। समय लंदन (Europe/London) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।