24 जनवरी 2025 को मेलबर्न का पंचांग

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (00:55, 25 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (10:38 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 20:39 पर है। राहुकाल 11:45 से 13:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 20:39
रात 06:25 तक
तिथि
दशमी, 00:55 तक
एकादशी
नक्षत्र
विशाखा, 10:38 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 00:55, 25 जन॰ तक
कृष्ण एकादशी 02:02, 26 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 10:38 तक
अनुराधा 12:37, 25 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 10:36 तक
वृद्धि 10:38, 25 जन॰ तक
करण
वणिज 12:06 तक
विष्टि (भद्रा) 00:55, 25 जन॰ तक
बव 13:34, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
20:39
चंद्रोदय
01:10
चंद्रास्त
16:16
दिनमान
14h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 14:00

अशुभ समय

राहुकाल
11:45 – 13:31
यमगंड
17:05 – 18:52
गुलिक काल
08:11 – 09:58

24 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:24 – 08:11सामान्य
लाभ08:11 – 09:58शुभ
अमृत09:58 – 11:45शुभ
काल11:45 – 13:31टालें
शुभ13:31 – 15:18शुभ
रोग15:18 – 17:05टालें
उद्वेग17:05 – 18:52टालें
चर18:52 – 20:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग20:39 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:05टालें
लाभ23:05 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 02:45शुभ
अमृत02:45 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:12सामान्य
रोग05:12 – 06:25टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2407:35दिन
बुध07:3508:47दिन
चंद्र08:4709:58दिन
शनि09:5811:09दिन
गुरु11:0912:20दिन
मंगल12:2013:31दिन
सूर्य13:3114:43दिन
शुक्र14:4315:54दिन
बुध15:5417:05दिन
चंद्र17:0518:16दिन
शनि18:1619:28दिन
गुरु19:2820:39दिन
मंगल20:3921:28रात
सूर्य21:2822:16रात
शुक्र22:1623:05रात
बुध23:0523:54रात
चंद्र23:5400:43रात
शनि00:4301:32रात
गुरु01:3202:21रात
मंगल02:2103:10रात
सूर्य03:1003:59रात
शुक्र03:5904:47रात
बुध04:4705:36रात
चंद्र05:3606:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2072° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।