16 मार्च 2025 को मेलबर्न का पंचांग

रविवार, 16 मार्च 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

रविवार, 16 मार्च 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (22:28 तक), नक्षत्र हस्त (17:15 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 19:37 पर है। राहुकाल 18:05 से 19:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 19:37
रात 07:20 तक
तिथि
द्वितीया, 22:28 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 17:15 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 22:28 तक
कृष्ण तृतीया 01:03, 18 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 17:15 तक
चित्रा 20:17, 17 मार्च तक
योग
वृद्धि 20:18 तक
ध्रुव 21:15, 17 मार्च तक
करण
तैतिल 09:14 तक
गर 22:28 तक
वणिज 11:45, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 06:45, 17 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
19:37
चंद्रोदय
20:21
चंद्रास्त
08:52
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 13:53

अशुभ समय

राहुकाल
18:05 – 19:37
यमगंड
13:28 – 15:00
गुलिक काल
16:33 – 18:05

16 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:19 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:23सामान्य
लाभ10:23 – 11:56शुभ
अमृत11:56 – 13:28शुभ
काल13:28 – 15:00टालें
शुभ15:00 – 16:33शुभ
रोग16:33 – 18:05टालें
उद्वेग18:05 – 19:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:37 – 21:05शुभ
अमृत21:05 – 22:33शुभ
चर22:33 – 00:01सामान्य
रोग00:01 – 01:28टालें
काल01:28 – 02:56टालें
लाभ02:56 – 04:24शुभ
उद्वेग04:24 – 05:52टालें
शुभ05:52 – 07:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1908:20दिन
शुक्र08:2009:22दिन
बुध09:2210:23दिन
चंद्र10:2311:25दिन
शनि11:2512:26दिन
गुरु12:2613:28दिन
मंगल13:2814:30दिन
सूर्य14:3015:31दिन
शुक्र15:3116:33दिन
बुध16:3317:34दिन
चंद्र17:3418:36दिन
शनि18:3619:37दिन
गुरु19:3720:36रात
मंगल20:3621:34रात
सूर्य21:3422:33रात
शुक्र22:3323:31रात
बुध23:3100:30रात
चंद्र00:3001:28रात
शनि01:2802:27रात
गुरु02:2703:25रात
मंगल03:2504:24रात
सूर्य04:2405:23रात
शुक्र05:2306:21रात
बुध06:2107:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
2 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
14 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।