7 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (14:47 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (09:31 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 19:29 पर है। राहुकाल 16:19 से 17:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 19:29
रात 06:45 तक
तिथि
पूर्णिमा, 14:47 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 14:47 तक
कृष्ण प्रतिपदा 11:23, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:58, 8 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 15:01 तक
व्याघातअशुभ 11:05, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:47 तक
बालव 01:07, 8 अक्टू॰ तक
कौलव 11:23, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
19:29
चंद्रोदय
19:44
चंद्रास्त
06:30
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:42 – 13:33

अशुभ समय

राहुकाल
16:19 – 17:54
यमगंड
09:57 – 11:32
गुलिक काल
13:08 – 14:43

7 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:46 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:57टालें
चर09:57 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 13:08शुभ
अमृत13:08 – 14:43शुभ
काल14:43 – 16:19टालें
शुभ16:19 – 17:54शुभ
रोग17:54 – 19:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:29 – 20:54टालें
लाभ20:54 – 22:18शुभ
उद्वेग22:18 – 23:43टालें
शुभ23:43 – 01:07शुभ
अमृत01:07 – 02:32शुभ
चर02:32 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:20टालें
काल05:20 – 06:45टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4607:50दिन
सूर्य07:5008:54दिन
शुक्र08:5409:57दिन
बुध09:5711:01दिन
चंद्र11:0112:04दिन
शनि12:0413:08दिन
गुरु13:0814:11दिन
मंगल14:1115:15दिन
सूर्य15:1516:19दिन
शुक्र16:1917:22दिन
बुध17:2218:26दिन
चंद्र18:2619:29दिन
शनि19:2920:26रात
गुरु20:2621:22रात
मंगल21:2222:18रात
सूर्य22:1823:15रात
शुक्र23:1500:11रात
बुध00:1101:07रात
चंद्र01:0702:03रात
शनि02:0303:00रात
गुरु03:0003:56रात
मंगल03:5604:52रात
सूर्य04:5205:49रात
शुक्र05:4906:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
17 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या
26 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
2 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।