20 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (21:15 तक), नक्षत्र हस्त (01:46, 21 अक्टू॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 19:42 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 19:42
रात 06:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:15 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 01:46 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 21:15 तक
अमावस्या 23:25, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 01:46, 21 अक्टू॰ तक
चित्रा 04:28, 22 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 07:34 तक
वैधृतिअशुभ 08:04, 21 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:16 तक
शकुनि 21:15 तक
चतुष्पद 10:18, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
19:42
चंद्रोदय
05:37
चंद्रास्त
18:35
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:46
यमगंड
11:26 – 13:05
गुलिक काल
14:44 – 16:23

20 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:28 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:46टालें
शुभ09:46 – 11:26शुभ
रोग11:26 – 13:05टालें
उद्वेग13:05 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:23सामान्य
लाभ16:23 – 18:03शुभ
अमृत18:03 – 19:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:42 – 21:02सामान्य
रोग21:02 – 22:23टालें
काल22:23 – 23:44टालें
लाभ23:44 – 01:04शुभ
उद्वेग01:04 – 02:25टालें
शुभ02:25 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:06शुभ
चर05:06 – 06:26सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2807:34दिन
शनि07:3408:40दिन
गुरु08:4009:46दिन
मंगल09:4610:52दिन
सूर्य10:5211:59दिन
शुक्र11:5913:05दिन
बुध13:0514:11दिन
चंद्र14:1115:17दिन
शनि15:1716:23दिन
गुरु16:2317:29दिन
मंगल17:2918:36दिन
सूर्य18:3619:42दिन
शुक्र19:4220:35रात
बुध20:3521:29रात
चंद्र21:2922:23रात
शनि22:2323:17रात
गुरु23:1700:10रात
मंगल00:1001:04रात
सूर्य01:0401:58रात
शुक्र01:5802:52रात
बुध02:5203:45रात
चंद्र03:4504:39रात
शनि04:3905:33रात
गुरु05:3306:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या
26 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
2 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
9 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।