12 जनवरी 2026 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 12 जनवरी 2026, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 12 जनवरी 2026 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (18:13 तक), नक्षत्र स्वाति (02:35, 13 जन॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 20:44 पर है। राहुकाल 08:00 से 09:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 20:44
रात 06:12 तक
तिथि
नवमी, 18:13 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 02:35 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 18:13 तक
कृष्ण दशमी 20:48, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 02:35, 13 जन॰ तक
विशाखा 05:36, 14 जन॰ तक
योग
धृति 23:42 तक
शूलअशुभ 00:34, 14 जन॰ तक
करण
गर 18:13 तक
वणिज 07:30, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
20:44
चंद्रोदय
00:57
चंद्रास्त
15:12
दिनमान
14h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:58 – 13:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:00 – 09:49
यमगंड
11:38 – 13:28
गुलिक काल
15:17 – 17:06

12 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:11 – 08:00शुभ
काल08:00 – 09:49टालें
शुभ09:49 – 11:38शुभ
रोग11:38 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 15:17टालें
चर15:17 – 17:06सामान्य
लाभ17:06 – 18:55शुभ
अमृत18:55 – 20:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर20:44 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:17टालें
लाभ00:17 – 01:28शुभ
उद्वेग01:28 – 02:39टालें
शुभ02:39 – 03:50शुभ
अमृत03:50 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:12सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1107:24दिन
शनि07:2408:36दिन
गुरु08:3609:49दिन
मंगल09:4911:02दिन
सूर्य11:0212:15दिन
शुक्र12:1513:28दिन
बुध13:2814:40दिन
चंद्र14:4015:53दिन
शनि15:5317:06दिन
गुरु17:0618:19दिन
मंगल18:1919:32दिन
सूर्य19:3220:44दिन
शुक्र20:4421:32रात
बुध21:3222:19रात
चंद्र22:1923:06रात
शनि23:0623:54रात
गुरु23:5400:41रात
मंगल00:4101:28रात
सूर्य01:2802:15रात
शुक्र02:1503:03रात
बुध03:0303:50रात
चंद्र03:5004:37रात
शनि04:3705:25रात
गुरु05:2506:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
23 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।