8 नवंबर 2026 को मेलबर्न का पंचांग

रविवार, 8 नवंबर 2026, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (16:58 तक), नक्षत्र चित्रा (11:22 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 20:01 पर है। राहुकाल 18:17 से 20:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 20:01
रात 06:05 तक
तिथि
चतुर्दशी, 16:58 तक
अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा, 11:22 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 16:58 तक
अमावस्या 18:02, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 11:22 तक
स्वाति 12:54, 9 नव॰ तक
योग
प्रीति 08:57 तक
आयुष्मान 08:33, 9 नव॰ तक
करण
शकुनि 16:58 तक
चतुष्पद 05:27, 9 नव॰ तक
नाग 18:02, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
20:01
चंद्रोदय
05:01
चंद्रास्त
19:10
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
18:17 – 20:01
यमगंड
13:04 – 14:48
गुलिक काल
16:33 – 18:17

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:06 – 07:50टालें
चर07:50 – 09:35सामान्य
लाभ09:35 – 11:19शुभ
अमृत11:19 – 13:04शुभ
काल13:04 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 16:33शुभ
रोग16:33 – 18:17टालें
उद्वेग18:17 – 20:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ20:01 – 21:17शुभ
अमृत21:17 – 22:32शुभ
चर22:32 – 23:48सामान्य
रोग23:48 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:19टालें
लाभ02:19 – 03:34शुभ
उद्वेग03:34 – 04:49टालें
शुभ04:49 – 06:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0607:15दिन
शुक्र07:1508:25दिन
बुध08:2509:35दिन
चंद्र09:3510:44दिन
शनि10:4411:54दिन
गुरु11:5413:04दिन
मंगल13:0414:13दिन
सूर्य14:1315:23दिन
शुक्र15:2316:33दिन
बुध16:3317:42दिन
चंद्र17:4218:52दिन
शनि18:5220:01दिन
गुरु20:0120:52रात
मंगल20:5221:42रात
सूर्य21:4222:32रात
शुक्र22:3223:23रात
बुध23:2300:13रात
चंद्र00:1301:03रात
शनि01:0301:53रात
गुरु01:5302:44रात
मंगल02:4403:34रात
सूर्य03:3404:24रात
शुक्र04:2405:15रात
बुध05:1506:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
21 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
28 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
7 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।