23 जनवरी 2027 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 23 जनवरी 2027, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 23 जनवरी 2027 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:43 तक), नक्षत्र पुष्य (13:01 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 20:40 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 20:40
रात 06:24 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:43 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुष्य, 13:01 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:43 तक
कृष्ण द्वितीया 16:27, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:01 तक
आश्लेषा 10:23, 24 जन॰ तक
योग
प्रीति 15:08 तक
आयुष्मान 11:10, 24 जन॰ तक
करण
बालव 09:28 तक
कौलव 19:43 तक
तैतिल 06:02, 24 जन॰ तक
गर 16:27, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
20:40
चंद्रोदय
21:18
चंद्रास्त
06:45
दिनमान
14h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
13:02 – 14:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:44
यमगंड
15:18 – 17:05
गुलिक काल
06:22 – 08:10

23 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:22 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:57शुभ
रोग09:57 – 11:44टालें
उद्वेग11:44 – 13:31टालें
चर13:31 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 17:05शुभ
अमृत17:05 – 18:53शुभ
काल18:53 – 20:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ20:40 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:19शुभ
अमृत00:19 – 01:32शुभ
चर01:32 – 02:45सामान्य
रोग02:45 – 03:58टालें
काल03:58 – 05:11टालें
लाभ05:11 – 06:24शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2207:34दिन
गुरु07:3408:45दिन
मंगल08:4509:57दिन
सूर्य09:5711:08दिन
शुक्र11:0812:20दिन
बुध12:2013:31दिन
चंद्र13:3114:42दिन
शनि14:4215:54दिन
गुरु15:5417:05दिन
मंगल17:0518:17दिन
सूर्य18:1719:28दिन
शुक्र19:2820:40दिन
बुध20:4021:28रात
चंद्र21:2822:17रात
शनि22:1723:06रात
गुरु23:0623:54रात
मंगल23:5400:43रात
सूर्य00:4301:32रात
शुक्र01:3202:20रात
बुध02:2003:09रात
चंद्र03:0903:58रात
शनि03:5804:46रात
गुरु04:4605:35रात
मंगल05:3506:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
11 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2351° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।