20 जनवरी 2028 को मेलबर्न का पंचांग

गुरुवार, 20 जनवरी 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

गुरुवार, 20 जनवरी 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:34 तक), नक्षत्र स्वाति (11:14 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 20:41 पर है। राहुकाल 15:18 से 17:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 20:41
रात 06:20 तक
तिथि
नवमी, 17:34 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 11:14 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:34 तक
कृष्ण दशमी 17:47, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 11:14 तक
विशाखा 11:52, 21 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 19:25 तक
गंडअशुभ 18:24, 21 जन॰ तक
करण
गर 17:34 तक
वणिज 05:36, 21 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:47, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 05:39, 21 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
20:41
चंद्रोदय
00:40
चंद्रास्त
15:24
दिनमान
14h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
13:01 – 13:59

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 17:06
यमगंड
06:19 – 08:07
गुलिक काल
09:54 – 11:42

20 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 08:07शुभ
रोग08:07 – 09:54टालें
उद्वेग09:54 – 11:42टालें
चर11:42 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 17:06शुभ
काल17:06 – 18:54टालें
शुभ18:54 – 20:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:41 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:06सामान्य
रोग23:06 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:31टालें
लाभ01:31 – 02:43शुभ
उद्वेग02:43 – 03:55टालें
शुभ03:55 – 05:08शुभ
अमृत05:08 – 06:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:31दिन
मंगल07:3108:43दिन
सूर्य08:4309:54दिन
शुक्र09:5411:06दिन
बुध11:0612:18दिन
चंद्र12:1813:30दिन
शनि13:3014:42दिन
गुरु14:4215:54दिन
मंगल15:5417:06दिन
सूर्य17:0618:18दिन
शुक्र18:1819:30दिन
बुध19:3020:41दिन
चंद्र20:4121:30रात
शनि21:3022:18रात
गुरु22:1823:06रात
मंगल23:0623:54रात
सूर्य23:5400:42रात
शुक्र00:4201:31रात
बुध01:3102:19रात
चंद्र02:1903:07रात
शनि03:0703:55रात
गुरु03:5504:44रात
मंगल04:4405:32रात
सूर्य05:3206:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2489° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।