4 मार्च 2028 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 4 मार्च 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (08:14 तक), नक्षत्र रोहिणी (01:55, 5 मार्च तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 19:55 पर है। राहुकाल 10:19 से 11:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 19:55
रात 07:08 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 01:55 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 08:14 तक
शुक्ल अष्टमी 07:40, 5 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 01:55, 5 मार्च तक
मृगशिरा 01:30, 6 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 01:24, 5 मार्च तक
प्रीति 23:24, 5 मार्च तक
करण
वणिज 08:14 तक
विष्टि (भद्रा) 20:02 तक
बव 07:40, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
19:55
चंद्रोदय
14:37
चंद्रास्त
23:57
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:38 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 13:57

अशुभ समय

राहुकाल
10:19 – 11:55
यमगंड
15:07 – 16:43
गुलिक काल
07:07 – 08:43

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:07 – 08:43टालें
शुभ08:43 – 10:19शुभ
रोग10:19 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:31टालें
चर13:31 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:19शुभ
काल18:19 – 19:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:55 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:43टालें
शुभ22:43 – 00:07शुभ
अमृत00:07 – 01:31शुभ
चर01:31 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:44टालें
लाभ05:44 – 07:08शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0708:11दिन
गुरु08:1109:15दिन
मंगल09:1510:19दिन
सूर्य10:1911:23दिन
शुक्र11:2312:27दिन
बुध12:2713:31दिन
चंद्र13:3114:35दिन
शनि14:3515:39दिन
गुरु15:3916:43दिन
मंगल16:4317:47दिन
सूर्य17:4718:51दिन
शुक्र18:5119:55दिन
बुध19:5520:51रात
चंद्र20:5121:47रात
शनि21:4722:43रात
गुरु22:4323:39रात
मंगल23:3900:35रात
सूर्य00:3501:31रात
शुक्र01:3102:28रात
बुध02:2803:24रात
चंद्र03:2404:20रात
शनि04:2005:16रात
गुरु05:1606:12रात
मंगल06:1207:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।