15 मार्च 2028 को मेलबर्न का पंचांग

बुधवार, 15 मार्च 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

बुधवार, 15 मार्च 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (22:22 तक), नक्षत्र विशाखा (02:15, 16 मार्च तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 19:38 पर है। राहुकाल 13:28 से 15:01 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 19:38
रात 07:19 तक
तिथि
पंचमी, 22:22 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 02:15 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 22:22 तक
कृष्ण षष्ठी 21:42, 16 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 02:15, 16 मार्च तक
अनुराधा 02:24, 17 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 07:45 तक
हर्षण 05:36, 16 मार्च तक
वज्रअशुभ 04:09, 17 मार्च तक
करण
कौलव 11:01 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 09:55, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 20:20 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
19:38
चंद्रोदय
21:53
चंद्रास्त
12:03
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:31
अभिजीत मुहूर्त
13:04 – 13:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 15:01
यमगंड
08:50 – 10:23
गुलिक काल
11:56 – 13:28

15 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:18 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:23शुभ
काल10:23 – 11:56टालें
शुभ11:56 – 13:28शुभ
रोग13:28 – 15:01टालें
उद्वेग15:01 – 16:33टालें
चर16:33 – 18:06सामान्य
लाभ18:06 – 19:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:38 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:34शुभ
अमृत22:34 – 00:01शुभ
चर00:01 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 02:56टालें
काल02:56 – 04:24टालें
लाभ04:24 – 05:51शुभ
उद्वेग05:51 – 07:19टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1808:20दिन
चंद्र08:2009:21दिन
शनि09:2110:23दिन
गुरु10:2311:25दिन
मंगल11:2512:26दिन
सूर्य12:2613:28दिन
शुक्र13:2814:30दिन
बुध14:3015:32दिन
चंद्र15:3216:33दिन
शनि16:3317:35दिन
गुरु17:3518:37दिन
मंगल18:3719:38दिन
सूर्य19:3820:37रात
शुक्र20:3721:35रात
बुध21:3522:34रात
चंद्र22:3423:32रात
शनि23:3200:30रात
गुरु00:3001:29रात
मंगल01:2902:27रात
सूर्य02:2703:25रात
शुक्र03:2504:24रात
बुध04:2405:22रात
चंद्र05:2206:20रात
शनि06:2007:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।