3 जनवरी 2029 को मेलबर्न का पंचांग

बुधवार, 3 जनवरी 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

बुधवार, 3 जनवरी 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (22:33 तक), नक्षत्र पुष्य (08:14 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 20:45 पर है। राहुकाल 13:24 से 15:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 20:45
रात 06:04 तक
तिथि
तृतीया, 22:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 22:33 तक
कृष्ण चतुर्थी 20:19, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 08:14 तक
आश्लेषा 06:48, 4 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 21:08 तक
प्रीति 18:07, 4 जन॰ तक
करण
वणिज 11:36 तक
विष्टि (भद्रा) 22:33 तक
बव 09:27, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
20:45
चंद्रोदय
22:28
चंद्रास्त
08:31
दिनमान
14h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:55 – 13:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 15:14
यमगंड
07:53 – 09:43
गुलिक काल
11:34 – 13:24

3 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:03 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:43शुभ
काल09:43 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:24शुभ
रोग13:24 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 17:05टालें
चर17:05 – 18:55सामान्य
लाभ18:55 – 20:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:45 – 21:55टालें
शुभ21:55 – 23:05शुभ
अमृत23:05 – 00:15शुभ
चर00:15 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 02:34टालें
काल02:34 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 04:54शुभ
उद्वेग04:54 – 06:04टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0307:16दिन
चंद्र07:1608:30दिन
शनि08:3009:43दिन
गुरु09:4310:57दिन
मंगल10:5712:10दिन
सूर्य12:1013:24दिन
शुक्र13:2414:37दिन
बुध14:3715:51दिन
चंद्र15:5117:05दिन
शनि17:0518:18दिन
गुरु18:1819:32दिन
मंगल19:3220:45दिन
सूर्य20:4521:32रात
शुक्र21:3222:18रात
बुध22:1823:05रात
चंद्र23:0523:51रात
शनि23:5100:38रात
गुरु00:3801:24रात
मंगल01:2402:11रात
सूर्य02:1102:57रात
शुक्र02:5703:44रात
बुध03:4404:31रात
चंद्र04:3105:17रात
शनि05:1706:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।