5 नवंबर 2029 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 5 नवंबर 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 5 नवंबर 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:15 तक), नक्षत्र चित्रा (18:51 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 19:59 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 19:59
रात 06:08 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:15 तक
अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा, 18:51 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:15 तक
अमावस्या 15:24, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 18:51 तक
स्वाति 15:46, 6 नव॰ तक
योग
प्रीति 20:27 तक
आयुष्मान 16:05, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:09 तक
शकुनि 19:15 तक
चतुष्पद 05:19, 6 नव॰ तक
नाग 15:24, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 08:21 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
19:59
चंद्रोदय
04:57
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:36
यमगंड
11:20 – 13:04
गुलिक काल
14:47 – 16:31

5 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:09 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:36टालें
शुभ09:36 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 13:04टालें
उद्वेग13:04 – 14:47टालें
चर14:47 – 16:31सामान्य
लाभ16:31 – 18:15शुभ
अमृत18:15 – 19:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:59 – 21:15सामान्य
रोग21:15 – 22:31टालें
काल22:31 – 23:47टालें
लाभ23:47 – 01:03शुभ
उद्वेग01:03 – 02:19टालें
शुभ02:19 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 04:51शुभ
चर04:51 – 06:08सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0907:18दिन
शनि07:1808:27दिन
गुरु08:2709:36दिन
मंगल09:3610:45दिन
सूर्य10:4511:54दिन
शुक्र11:5413:04दिन
बुध13:0414:13दिन
चंद्र14:1315:22दिन
शनि15:2216:31दिन
गुरु16:3117:40दिन
मंगल17:4018:49दिन
सूर्य18:4919:59दिन
शुक्र19:5920:49रात
बुध20:4921:40रात
चंद्र21:4022:31रात
शनि22:3123:22रात
गुरु23:2200:12रात
मंगल00:1201:03रात
सूर्य01:0301:54रात
शुक्र01:5402:45रात
बुध02:4503:35रात
चंद्र03:3504:26रात
शनि04:2605:17रात
गुरु05:1706:08रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।