11 मार्च 2025 को मस्कट का पंचांग

मंगलवार, 11 मार्च 2025, मस्कट, Oman। समय Asia/Muscat में है।

मंगलवार, 11 मार्च 2025 को मस्कट में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (06:44 तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:45, 12 मार्च तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 15:15 से 16:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:13
रात 06:18 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:45 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 06:44 तक
शुक्ल त्रयोदशी 07:42, 12 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:45, 12 मार्च तक
मघा 02:35, 13 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:47 तक
सुकर्मा 11:30, 12 मार्च तक
करण
बालव 06:44 तक
कौलव 19:09 तक
तैतिल 07:42, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 00:45, 12 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
15:48
चंद्रास्त
04:36
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:15 – 16:44
यमगंड
09:17 – 10:47
गुलिक काल
12:16 – 13:45

11 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 07:48टालें
उद्वेग07:48 – 09:17टालें
चर09:17 – 10:47सामान्य
लाभ10:47 – 12:16शुभ
अमृत12:16 – 13:45शुभ
काल13:45 – 15:15टालें
शुभ15:15 – 16:44शुभ
रोग16:44 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:13 – 19:44टालें
लाभ19:44 – 21:14शुभ
उद्वेग21:14 – 22:45टालें
शुभ22:45 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:46शुभ
चर01:46 – 03:17सामान्य
रोग03:17 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:18टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:18दिन
सूर्य07:1808:18दिन
शुक्र08:1809:17दिन
बुध09:1710:17दिन
चंद्र10:1711:16दिन
शनि11:1612:16दिन
गुरु12:1613:16दिन
मंगल13:1614:15दिन
सूर्य14:1515:15दिन
शुक्र15:1516:14दिन
बुध16:1417:14दिन
चंद्र17:1418:13दिन
शनि18:1319:14रात
गुरु19:1420:14रात
मंगल20:1421:14रात
सूर्य21:1422:15रात
शुक्र22:1523:15रात
बुध23:1500:16रात
चंद्र00:1601:16रात
शनि01:1602:16रात
गुरु02:1603:17रात
मंगल03:1704:17रात
सूर्य04:1705:17रात
शुक्र05:1706:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां मस्कट में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय मस्कट (Asia/Muscat) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।