16 जनवरी 2020 को नई दिल्ली का पंचांग

गुरुवार, 16 जनवरी 2020, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 जनवरी 2020 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:41 तक), नक्षत्र हस्त (02:30, 17 जन॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 13:49 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:46
रात 07:14 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 02:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2020 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:41 तक
कृष्ण सप्तमी 07:28, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:30, 17 जन॰ तक
चित्रा 01:12, 18 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 18:02 तक
सुकर्मा 15:05, 17 जन॰ तक
करण
वणिज 09:41 तक
विष्टि (भद्रा) 20:32 तक
बव 07:28, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
23:48
चंद्रास्त
11:22
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2076
शक संवत
1941, विकारी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
13:49 – 15:08
यमगंड
07:14 – 08:33
गुलिक काल
09:52 – 11:11

16 जनवरी 2020 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:14 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 09:52टालें
उद्वेग09:52 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 13:49शुभ
अमृत13:49 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:46 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:49टालें
काल22:49 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:11शुभ
उद्वेग02:11 – 03:52टालें
शुभ03:52 – 05:33शुभ
अमृत05:33 – 07:14शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1408:07दिन
मंगल08:0709:00दिन
सूर्य09:0009:52दिन
शुक्र09:5210:45दिन
बुध10:4511:38दिन
चंद्र11:3812:30दिन
शनि12:3013:23दिन
गुरु13:2314:16दिन
मंगल14:1615:08दिन
सूर्य15:0816:01दिन
शुक्र16:0116:53दिन
बुध16:5317:46दिन
चंद्र17:4618:53रात
शनि18:5320:01रात
गुरु20:0121:08रात
मंगल21:0822:15रात
सूर्य22:1523:23रात
शुक्र23:2300:30रात
बुध00:3001:38रात
चंद्र01:3802:45रात
शनि02:4503:52रात
गुरु03:5205:00रात
मंगल05:0006:07रात
सूर्य06:0707:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 जन॰ 2020कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 जन॰ 2020कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 जन॰ 2020प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 जन॰ 2020माघ अमावस्याअमावस्या
29 जन॰ 2020विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 फ़र॰ 2020शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 फ़र॰ 2020प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 फ़र॰ 2020माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2020संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2020कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1370° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।