12 फ़रवरी 2021 को नई दिल्ली का पंचांग

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (00:29, 13 फ़र॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (14:23 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 18:09
रात 07:01 तक
तिथि
प्रतिपदा, 00:29 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 14:23 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2021 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 00:29, 13 फ़र॰ तक
शुक्ल द्वितीया 00:56, 14 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:11, 13 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:19, 13 फ़र॰ तक
शिव 01:31, 14 फ़र॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 12:28 तक
बव 00:29, 13 फ़र॰ तक
बालव 12:39, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
07:34
चंद्रास्त
18:43
दिनमान
11h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942, शार्वरी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:35
यमगंड
15:22 – 16:45
गुलिक काल
08:25 – 09:48

12 फ़रवरी 2021 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:01 – 08:25सामान्य
लाभ08:25 – 09:48शुभ
अमृत09:48 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:35टालें
शुभ12:35 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:45टालें
चर16:45 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:45टालें
काल19:45 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:35टालें
शुभ00:35 – 02:11शुभ
अमृत02:11 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:24सामान्य
रोग05:24 – 07:01टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0107:57दिन
बुध07:5708:53दिन
चंद्र08:5309:48दिन
शनि09:4810:44दिन
गुरु10:4411:39दिन
मंगल11:3912:35दिन
सूर्य12:3513:31दिन
शुक्र13:3114:26दिन
बुध14:2615:22दिन
चंद्र15:2216:17दिन
शनि16:1717:13दिन
गुरु17:1318:09दिन
मंगल18:0919:13रात
सूर्य19:1320:17रात
शुक्र20:1721:22रात
बुध21:2222:26रात
चंद्र22:2623:30रात
शनि23:3000:35रात
गुरु00:3501:39रात
मंगल01:3902:43रात
सूर्य02:4303:48रात
शुक्र03:4804:52रात
बुध04:5205:56रात
चंद्र05:5607:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 फ़र॰ 2021कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2021विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
23 फ़र॰ 2021शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 फ़र॰ 2021प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 फ़र॰ 2021माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 मार्च 2021संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 मार्च 2021कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मार्च 2021कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मार्च 2021प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मार्च 2021फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1520° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।